पेपर लीक के विरोध में राजधानी में छात्र-युवा संगठनों का प्रदर्शन, पीएम के नाम सौंपा ज्ञापन; परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की उठी मांग। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के अंबेडकर चौक पर रविवार को छात्र-युवा संगठनों ने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन किया। बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में छात्र अपनी मांगों को लेकर डटे रहे और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रेम कुमार, रायपुर। प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर रायपुर में छात्र-युवा संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में अनशन किया, खून से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग लिखी और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग उठाई।
रायपुर में छात्रों का विरोध प्रदर्शन
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के अंबेडकर चौक पर रविवार को छात्र-युवा संगठनों ने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन किया। बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में छात्र अपनी मांगों को लेकर डटे रहे और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
खून से लिखी इस्तीफे की मांग
प्रदर्शन के दौरान कुछ युवाओं ने खून से “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो” लिखकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है और इसकी नैतिक जिम्मेदारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री को लेनी चाहिए।
सोनम वांगचुक के समर्थन में अनशन
प्रदर्शन में शामिल छात्र संगठनों ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में अनशन भी किया। उनका कहना था कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और छात्रों के हितों की सुरक्षा जैसे मुद्दों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए। पेपर लीक के मामलों में शामिल दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त व्यवस्था लागू की जाए।
पीएम के नाम सौंपा ज्ञापन
छात्र संगठनों ने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार, युवाओं के हितों की रक्षा और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग रखी। उनका कहना था कि सरकार को इस मुद्दे पर ठोस और प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
शांतिपूर्ण रहा प्रदर्शन
प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा। हालांकि पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना सामने नहीं आई। प्रदर्शनकारियों ने भविष्य में भी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने की बात कही।












