Chakradhar Samaroh 2026: रायगढ़, 17 सितम्बर 2026/ 41 वें चक्रधर समारोह-2026 की चौथी शाम की शुरुआत रायगढ़ की प्रतिष्ठित संस्था रिदम कल्चरल सेंटर की ‘लाइव कथक’ प्रस्तुति से हुई। कलाकारों ने कथक की पारंपरिक लय, ताल, तकनीक और भावाभिव्यक्ति का सुंदर समन्वय प्रस्तुत करते हुए समारोह के मंच को शास्त्रीय नृत्य के रंगों से सजा दिया।

प्रस्तुति का आरंभ शिव स्तुति से हुआ, जिसमें तीनताल और कहरवा ताल की लय पर कलाकारों ने प्रभावी नृत्य प्रस्तुत किया। इसके बाद आमद, तोड़ा, चक्करदार तोड़ा, परन, तिहाई और शास्त्रीय बोलों की प्रस्तुतियों के माध्यम से कथक की तकनीकी सुंदरता और लयकारी को मंच पर जीवंत किया गया। तीनताल में बंधी इन प्रस्तुतियों में कलाकारों के पद-संचालन, चक्कर और तालबद्धता ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। प्रस्तुति में अनुप्रिया जायसवाल, सान्वी ठाकुर, नंदिनी स्वर्णकार, अस्मि ईला स्वर्णकार, गुंजन यादव, तनुश्री मजूमदार, आद्या मेहर और तन्वी देवांगन ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। प्रस्तुति की निर्देशिका गुरु जेनिफर जोसेफ रहीं। वहीं संगीत एवं संगत में गुरु देव चौहान, गुरु देवेंद्र उपाध्याय, आयुष सिंह, आश्रा चौहान, जीत उपाध्याय और हरि शंकर देवांगन ने सहयोग दिया।
*13 वर्षों से कला साधना में जुटी है संस्था*
उल्लेखनीय है कि रिदम कल्चरल सेंटर वर्ष 2013 से बच्चों को कला एवं नृत्य का प्रशिक्षण दे रहा है। सुश्री जॉली मुखर्जी के निर्देशन एवं संस्थापिका श्रीमती सुप्ति मुखर्जी के मार्गदर्शन में संस्था ने पिछले 13 वर्षों में अनेक प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया है। संस्था के कलाकार बिलासपुर, कटक, नागपुर और रायगढ़ सहित विभिन्न राष्ट्रीय मंचों पर अपनी कला का प्रदर्शन कर चुके हैं। चक्रधर समारोह के प्रतिष्ठित मंच पर ‘लाइव कथक’ की प्रस्तुति के माध्यम से इन कलाकारों ने रायगढ़ की शास्त्रीय नृत्य परंपरा और नई पीढ़ी की प्रतिभा को प्रभावी ढंग से सामने रखा।















