Chakradhar Samaroh 2026: रायगढ़, 17 सितम्बर 2026/ चक्रधर समारोह के चौथे दिन बेंगलुरु की प्रसिद्ध भरतनाट्यम कलाकार एवं शिक्षिका सुश्री शिवरंजनी हरीश ने शानदार शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुति दी। उनकी प्रस्तुति में भरतनाट्यम की सुंदर भाव-भंगिमाओं और नृत्य शैली ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। कार्यक्रम की शुरुआत पुष्पांजलि एवं भगवान शिव की स्तुति से हुई। इसके बाद नृत्य के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से लेकर श्रीमद्भगवद्गीता के उपदेश तक के प्रसंगों को प्रस्तुत किया गया। समापन में गोस्वामी तुलसीदास जी के प्रसिद्ध भजन के माध्यम से भगवान श्रीराम से जुड़े प्रसंगों का भावपूर्ण चित्रण किया गया, जिसमें अहिल्या की शाप-मुक्ति, सीता स्वयंवर और शबरी के मोक्ष का प्रसंग शामिल रहा।
शिवरंजनी हरीश को 36 वर्षों का नृत्य-साधना और 26 वर्षों का नृत्य-शिक्षण का अनुभव है। उन्होंने 2 हजार से अधिक विद्यार्थियों को भरतनाट्यम का प्रशिक्षण दिया है। देश-विदेश के अनेक मंचों पर प्रस्तुति दे चुकीं शिवरंजनी हरीश ने कला के माध्यम से शिक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य किया है। उनकी प्रस्तुति के बाद दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकार का उत्साहवर्धन किया।
















