Cg News: ’कोरिया 06 नवम्बर 2026
बैकुंठपुर विकासखंड के ग्राम भांडी निवासी श्रीमती चंदा पनिका को डाक से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पाती मिली है। राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाओं के साथ आए इस आत्मीय पत्र में मुख्यमंत्री ने उनके परिवार का कुशलक्षेम पूछा और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। पत्र पाकर प्रसन्न श्रीमती चंदा ने कहा, ‘यह पत्र मेरे लिए दीपावली का बड़ा उपहार है।‘
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत घरेलू रसोई गैस कनेक्शन प्राप्त करने वाली श्रीमती चंदा को संबोधित पत्र में मुख्यमंत्री ने उनकी रोजमर्रा की जिंदगी में आई सहूलियत का उल्लेख किया। उन्होंने लिखा कि पहले लकड़ी के चूल्हे का धुआं परेशानी का कारण था और भोजन बनाने में काफी समय लगता था। अब खाना जल्दी तैयार होने से घर के दूसरे कामों के लिए भी समय बचता है। इस परेशानी से मिली राहत को मुख्यमंत्री ने अपने लिए संतोष की बात बताया।
मुख्यमंत्री ने पत्र में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने उज्ज्वला योजना के माध्यम से माताओं- बहनों को चूल्हे के धुएं से राहत देने की पहल की है। इस सुविधा का महत्व रोज रसोई संभालने वाली महिलाएं सबसे अच्छी तरह समझती हैं।
पाती में मुख्यमंत्री ने श्रीमती चंदा के पति श्री डिपेन्द्र कुमार को भी शुभकामनाएं दीं। परिवार की जरूरतें पूरी करने में उनके परिश्रम और घर संभालने में श्रीमती चंदा के श्रम का सम्मान करते हुए उन्होंने लिखा कि माता-पिता की मेहनत बच्चों के लिए बड़ा सहारा है।
मुख्यमंत्री ने उनके बेटे अविक की पढ़ाई के बारे में पूछा और उसे मन लगाकर पढ़ने के साथ खूब खेलने का संदेश दिया। नन्हे लक्ष्य को स्नेह भेजते हुए दोनों भाइयों के प्रेमपूर्वक रहने और एक-दूसरे का साथ देते हुए आगे बढ़ने की कामना की।
बच्चों के भविष्य का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने लिखा कि उन्हें अच्छी शिक्षा मिले, वे अपनी रुचि पहचानें और आत्मविश्वास के साथ अपना रास्ता चुन सकें। विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के संकल्प से बच्चों के भविष्य को जोड़ते हुए उन्होंने उनके सपनों को आगे बढ़ने के अवसर मिलने की आकांक्षा व्यक्त की।
मुख्यमंत्री ने श्रीमती चंदा को घर की जिम्मेदारियों के बीच अपनी सेहत और आराम का ध्यान रखने की सलाह भी दी। साथ ही ग्राम भांडी की अन्य बहनों और परिवारों को जोहार भेजते हुए उनके घर में सुख-शांति और बच्चों की हंसी बनी रहने की शुभकामनाएं दीं।














