JIO Ipo देश के सबसे बड़े कारोबारी समूहों में शामिल रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO को लेकर शेयर बाजार में निवेशकों की दिलचस्पी देखने को मिल रही है। IPO खुलते ही बड़े संस्थागत निवेशकों ने इसमें जमकर बोली लगाई और क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) की कैटेगरी महज 28 मिनट में पूरी तरह सब्सक्राइब हो गई। हालांकि, वहीं, छोटे निवेशकों ने अब तक इस IPO में कम दिलचस्पी दिखाई है। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, पूरे IPO को अब तक 65 फीसदी सब्सक्रिप्शन मिला है।
Read more Share market today: शेयर बाजार में तूफानी तेजी, Infosys और TCS के शेयरों में जोरदार तेजी
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIB कैटेगरी को निवेशकों का मजबूत समर्थन मिला। यह हिस्सा खुलने के महज 28 मिनट के भीतर पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया और इसका सब्सक्रिप्शन स्तर 1.95 गुना तक पहुंच गया। QIB कैटेगरी में आमतौर पर म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियां और अन्य बड़े संस्थागत निवेशक शामिल होते हैं। इन निवेशकों की मजबूत भागीदारी को IPO के प्रति बाजार की शुरुआती दिलचस्पी के संकेत के तौर पर देखा जा सकता है। हालांकि, केवल सब्सक्रिप्शन के आंकड़ों से शेयर की लिस्टिंग या भविष्य के प्रदर्शन का अनुमान लगाना सही नहीं होगा।
रिटेल निवेशकों का क्या है हाल?
बड़े संस्थागत निवेशकों की तुलना में छोटे निवेशकों की ओर से फिलहाल कम मांग देखने को मिली है। NSE के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) की कैटेगरी में 11 फीसदी सब्सक्रिप्शन दर्ज किया गया। वहीं, रिटेल निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्से में अब तक 8 फीसदी बोलियां मिलीं। इन आंकड़ों से पता चलता है कि IPO के शुरुआती चरण में संस्थागत निवेशकों की भागीदारी ज्यादा मजबूत रही है। हालांकि, सब्सक्रिप्शन की स्थिति आवेदन अवधि के दौरान बदल सकती है। इसलिए निवेशकों को अंतिम आंकड़ों पर भी नजर रखनी चाहिए।
एंकर निवेशकों से जुटाए ₹8,109 करोड़
IPO खुलने से पहले 19 अक्टूबर को जियो प्लेटफॉर्म्स ने 212 एंकर निवेशकों से करीब 8,109.84 करोड़ रुपये जुटाए थे। इन निवेशकों में ब्लैकरॉक, कैपिटल ग्रुप, फिडेलिटी इन्वेस्टमेंट्स, टी. रो प्राइस, श्रोडर्स, जेपी मॉर्गन एसेट मैनेजमेंट, फ्रैंकलिन टेम्पलटन, इनवेस्को और प्रूडेंशियल जैसे बड़े नाम शामिल थे। रिपोर्ट के मुताबिक, एंकर निवेशकों की ओर से जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO के लिए करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये की मांग आई। यह भारतीय IPO बाजार में इस स्तर की मांग का एक बड़ा उदाहरण है।
निवेशकों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
IPO में संस्थागत निवेशकों की मजबूत भागीदारी निवेशकों का ध्यान खींच सकती है, लेकिन इसे मुनाफे की गारंटी नहीं मानना चाहिए। निवेश करने से पहले IPO का मूल्यांकन, कंपनी की वित्तीय स्थिति, कारोबार की संभावनाएं और अपने जोखिम उठाने की क्षमता को समझना जरूरी है।















