Kolkata Durga Puja Pandal Stampede नॉर्थ कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ मचने से 19 लोगों की मौत हो गई जबकि करीब 25 लोग घायल हो गए। शुरुआती जानकारी के मुताबिक अचानक हुई बारिश से बचने के लिए लोगों ने पंडाल के अंदर जाने की कोशिश की। इसी दौरान एग्जिट गेट के पास भीड़ का दबाव बढ़ने से अफरा-तफरी मच गई और भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने हादसे की जांच के आदेश दिए हैं। वहीं सीएम ने इस हादसे में मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये मुआवजा देने और हर परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का ऐलान किया है।
कैसे मची भगदड़?
शुरुआती जानकारी के मुताबिक सबकुछ ठीक चल रहा था इस बीच अचानक बारिश शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में लोग पंडाल के अंदर जाने की कोशिश करने लगे। इसी दौरान एग्जिट पॉइंट पर मौजूद लोग बाहर नहीं निकल पा रहे थे। इससे गेट के पास भीड़ जमा हो गई और भगदड़ मच गई।
मौके पर मौजूद एसीपी से मिले इनपुट के मुताबिक एक प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी की ओर से किए गए ऐलान और सीटी बजाने के बाद हालात बिगड़ने और भगदड़ मचने की आशंका है। बताया जा रहा है कि माइक पर चोरबागान पूजा समिति की ओर से जारी वीआईपी पास वालों को ही प्रवेश दिए जाने की घोषणा भी की गई थी। हालांकि, हादसे के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
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प्रवेश का रास्ता संकरा होने का भी दावा
ऐसी जानकारी भी सामने आई है कि पंडाल में अंदर जाने के लिए जो एंट्री का रास्ता था वह कई जगहों पर बेहद संकरा था। कुछ हिस्सों में इसकी चौड़ाई काफी कम होने का दावा किया गया है। संकरा रास्ता होने और भीड़ बढ़ने के चलते भगदड़ की आशंका जताई जा रही है। अब जांच में एंट्री और एग्जिट के रास्तों की व्यवस्था तथा भीड़ प्रबंधन की भी पड़ताल की जाएगी। दुर्गा पंडाल में जिस एग्जिट गेट के पास हादसा हुआ, वहां फिलहाल बैरिकेडिंग कर दी गई है और गेट बंद रखा गया है।
सीएम शुभेंदु अधिकारी ने क्या बताया?
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी कोलकाता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचे, जहां हादसे के पीड़ितों को भर्ती कराया गया है। उन्होंने कहा, ”घटनास्थल पर मौजूद अधिकारियों की शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार पूजा आयोजकों द्वारा लाउडस्पीकर पर की गई एक घोषणा के कारण यह घटना हुई। मुख्यमंत्री ने बताया कि चोरबागान दुर्गा पूजा आयोजित करने वाले क्लब के पदाधिकारियों, निजी सुरक्षा कर्मियों और ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों को हिरासत में लिया गया है। उन्होंने कहा कि मृतकों में से दो के परिजनों के अनुसार पंडाल परिसर में निजी सुरक्षा कर्मियों द्वारा सीटी बजाए जाने के कारण पंडाल में प्रवेश के लिए इंतजार कर रहे लोगों में अचानक धक्का-मुक्की शुरू हो गई।
इस बीच, प्रशासन ने घटना के बाद भीड़भाड़ वाले कई दुर्गा पूजा आयोजनों को अस्थायी रूप से अपने पंडाल बंद करने की सलाह दी है। कोलकाता में दुर्गा पूजा के लिए करीब 3,500 पंडाल लगाए गए हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और कई अन्य नेताओं ने इस त्रासदी पर शोक व्यक्त किया।
पीएम मोदी ने हादसे पर दुख जताया
Kolkata Durga Puja Pandal Stampedeप्रधानमंत्री मोदी ने भगदड़ को ”बेहद दुखद’ बताया और मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”कोलकाता में भगदड़ की घटना बेहद दुखद है। अपने प्रियजनों को खोने वाले लोगों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।” प्रधानमंत्री ने कहा कि स्थानीय प्रशासन पीड़ित लोगों को हरसंभव सहायता मुहैया करा रहा है।













