Tobacco Compensation Cess सरकार लोकसभा में GST कंपनसेशन सेस की जगह दूसरी लेवी यानी दूसरा टैक्स लगाने के लिए दो बिल पेश कर सकती है, ताकि यह पक्का किया जा सके कि सेस बंद होने के बाद भी तंबाकू, पान मसाला और दूसरी सिन गुड्स पर टैक्स का असर वैसा ही रहे. इससे इन चीजों पर टैक्स भी बढ़ सकता है. सेंट्रल एक्साइज अमेंडमेंट बिल 2025 और हेल्थ सिक्योरिटी से नेशनल सिक्योरिटी सेस बिल 2025 सोमवार को फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए जाने के लिए लिस्टेड हैं.
पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि सेंट्रल एक्साइज अमेंडमेंट बिल 2025, सिगरेट जैसे तंबाकू प्रोडक्ट्स पर एक्साइज ड्यूटी लगाकर तंबाकू पर GST कंपनसेशन सेस की जगह लेगा. वहीं, हेल्थ सिक्योरिटी से नेशनल सिक्योरिटी सेस बिल 2025 पान मसाला पर कंपनसेशन सेस की जगह लेगा. इसका मकसद नेशनल सिक्योरिटी और पब्लिक हेल्थ पर होने वाले खर्च को पूरा करने के लिए पैसे जुटाना और इन मकसदों के लिए उन मशीनों या दूसरे प्रोसेस पर सेस लगाना है जिनसे खास सामान बनाए या तैयार किए जाते हैं.
अभी कितना लगता है टैक्स?
तंबाकू और पान मसाला पर 28% का GST लगता है. इसके ऊपर, अलग-अलग रेट पर कंपनसेशन सेस भी लगता है. 1 जुलाई 2017 को GST लागू होने के समय GST लागू होने से राज्यों को हुए रेवेन्यू के घाटे की भरपाई के लिए 5 साल के लिए 30 जून 2022 तक एक कंपनसेशन सेस सिस्टम लागू किया गया था.
कंपनसेशन सेस को बाद में 4 साल के लिए 31 मार्च 2026 तक बढ़ा दिया गया था, और इस कलेक्शन का इस्तेमाल उस लोन को चुकाने के लिए किया जा रहा है जो केंद्र ने कोविड समय में राज्यों को हुए GST घाटे की भरपाई के लिए लिया था. चूंकि वह लोन रीपेमेंट दिसंबर में कभी भी पूरा हो जाएगा, इसलिए कंपनसेशन सेस खत्म हो जाएगा.
तंबाकू और पान मसाला पर सेस
3 सितंबर, 2025 को GST काउंसिल ने तंबाकू और पान मसाला पर तब तक कंपनसेशन सेस जारी रखने का फैसला किया था जब तक लिए गए लोन चुका नहीं दिए जाते. दूसरी महंगी चीजों पर, कम्पनसेशन सेस 22 सितंबर को खत्म हो गया, जब GST रेट को सिर्फ 5% और 18% वाले दो टैक्स स्लैब के साथ लागू किया गया था. बहुत महंगे सामान और एरेटेड ड्रिंक्स के लिए 40% का रेट तय किया गया था. सेंट्रल एक्साइज अमेंडमेंट बिल 2025 और हेल्थ सिक्योरिटी से नेशनल सिक्योरिटी सेस बिल 2025 यह पक्का करेंगे कि कम्पनसेशन सेस बंद होने के बाद भी तंबाकू और पान मसाला जैसी नशे वाली चीजों पर टैक्स का असर वैसा ही रहे.















