योगी सरकार ने मकर संक्रांति की वजह से 15 जनवरी को सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है। बता दें कि इस बार देश में मकर संक्रांति का त्योहार 14 जनवरी की बजाय 15 जनवरी को मनाया जा रहा है।
मकर संक्रांति का त्योहार क्यों मनाते हैं?
जब सूर्य धनु राशि को छोड़कर मकर राशि में प्रवेश करता है, तो उसे मकर संक्रांति कहते हैं। ऐसे में सूर्य उत्तरायण की ओर बढ़ना शुरू करते हैं और दिन बड़े होने लगते हैं और रातें छोटी होने लगती हैं
इस त्योहार को लेकर ये भी माना जाता है कि ये सर्दी के अंत का प्रतीक है। इसके बाद ही बसंत का आगमन होता है।
मकर संक्राति केवल एक त्योहार नहीं है बल्कि देश के किसानों के लिए एक खुशखबरी भी है। दरअसल ये भारत की प्रमुख फसल का उत्सव है। इसी समय रबी फसल (गेहूं, चना, सरसों आदि) की कटाई पूरी हो जाती है। इस मौके पर किसान नई फसल के लिए भगवान से आशीर्वाद मांगते हैं।
इस मौके पर गंगा, यमुना जैसी पवित्र नदियों में स्नान करके, दान और सूर्य देव की पूजा की जाती है। इस दिन तिल-गुड़ का दान बहुत पुण्यदायी माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन दान करने से दानकर्ता को सौ गुना लाभ प्राप्त होता है।
मकर संक्रांति के मौके पर देश में तमाम जगहों पर पतंग उड़ाई जाती है और लोग एक दूसरे को तिल-गुड़ की मिठाइयां भेजते हैं। इस दिन घरों में खिचड़ी भी बनाई जाती है। कुल मिलाकर ये दिन देश में काफी धूमधाम से मनाया जाता है और इसका देश के त्योहारों में काफी महत्व है।















