साल 2026 में माघ पूर्णिमा के दिन कई शुभ योग भी बनने जा रहे हैं। ऐसे में इस दिन पूजा, स्नान और दान करने से शुभ फलों की प्राप्ति आपको हो सकती है।
जानिए कब है ?
माघ माह की पूर्णिमा तिथि 1 फरवरी 2026 को है। माघ पूर्णिमा के दिन पवित्र नदियों में स्नान और दान का बड़ा महत्व है। माघ पूर्णिमा माघ मेले का एक प्रमुख दिन भी है।
माघ पूर्णिमा 2026 पर शुभ योग
माघ पूर्णिमा के दिन प्रीति योग, आयुष्मान योग, सर्वार्थ सिद्धि योग रहेंगे इसके साथ ही रवि पुष्य नक्षत्र भी रहेगा और ये भी शुभ योग माना जाता है।
- प्रीति योग- सुबह 10 बजकर 19 मिनट तक इसके बाद आयुष्मान योग शुरू हो जाएगा और अगले दिन तक रहेगा
- रवि पुष्य योग- रात्रि 11 बजकर 58 मिनट तक
- सर्वार्थ सिद्धि योग- सुबह 7 बजकर 9 मिनट से रात 11 बजकर 58 मिनट तक
माघ पूर्णिमा पूजा का शुभ मुहूर्त
- माघ पूर्णिमा पर पूजा का शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 5 बजकर 31 मिनट से 6 बजकर 22 मिनट तक
- प्रात: संध्या मुहूर्त- सुबह 5 बजकर 57 मिनट से सुबह 7 बजकर 13 मिनट तक
- अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12 बजकर 13 मिनट से 12 बजकर 56 मिनट तक
- गोधूलि मुहूर्त- शाम 6 बजकर 29 मिनट से 6 बजकर 55 मिनट तक
- सांय संध्या मुहूर्त- शाम 6 बजकर 32 मिनट से 7 बजकर 48 मिनट तक
- इसके अलावा शुभ योगों के चलते सुबह 7 बजे से लेकर 9 बजे तक का समय भी पूजा के लिए शुभ रहेगा।
चंद्रोदय का समय
माघ पूर्णिमा के दिन चंद्रमा की पूजा करना भी बेहद शुभ माना जाता है। 1 फरवरी 2026 को चंद्रमा शाम के समय 5 बजकर 26 मिनट पर उदय होंगे। इस दिन चंद्रमा अपनी स्वराशि में विराजमान होंगे इसलिए चंद्र पूजन से भक्तों को शुभ फलों की प्राप्ति होगी।















