वैश्विक संकेतों की कमजोरी, मुनाफावसूली और आईटी व बैंकिंग शेयरों में दबाव के चलते सेंसेक्स बुरी तरह फिसला। इसका असर देश की सबसे मूल्यवान कंपनियों पर भी साफ दिखा।
2.51 लाख करोड़ का नुकसान
सेंसेक्स की टॉप-10 कंपनियों में से 9 के मार्केट कैप में भारी गिरावट दर्ज की गई और कुल मिलाकर निवेशकों की संपत्ति करीब 2.51 लाख करोड़ रुपये घट गई।
रिलायंस को हुआ नुकसान
इस गिरावट में सबसे ज्यादा नुकसान रिलायंस इंडस्ट्रीज को हुआ। कंपनी का मार्केट कैप ₹96,960 करोड़ घटकर ₹18.75 लाख करोड़ के स्तर पर आ गया। इसके अलावा ICICI बैंक का मार्केट कैप ₹48,645 करोड़ घटा, जबकि HDFC बैंक को करीब ₹22,923 करोड़ का नुकसान हुआ।
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), भारती एयरटेल, एलएंडटी, बजाज फाइनेंस, एसबीआई और इंफोसिस के मार्केट कैप में भी हजारों करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की गई।
हिंदुस्तान यूनिलीवर
जब ज्यादातर दिग्गज कंपनियों को नुकसान उठाना पड़ा, तब हिंदुस्तान यूनिलीवर ने बाजार की कमजोरी के बीच मजबूती दिखाई। कंपनी का मार्केट कैप ₹12,312 करोड़ बढ़कर ₹5.66 लाख करोड़ हो गया। टॉप-10 कंपनियों में यह इकलौती कंपनी रही, जिसने निवेशकों को राहत दी।
टॉप-10 कंपनियों की मौजूदा स्थिति
मार्केट कैप के लिहाज से रिलायंस इंडस्ट्रीज अब भी पहले स्थान पर बनी हुई है। इसके बाद HDFC बैंक, TCS, भारती एयरटेल, ICICI बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, इंफोसिस, बजाज फाइनेंस, हिंदुस्तान यूनिलीवर और लार्सन एंड टुब्रो का नंबर आता है।












