छत्तीसगढ़ के बीजापुर में सुरक्षाबलों ने एक और आतंकी मार गिराया है। गृह मंत्री अमित शाह सिंह ने इसी साल मार्च तक देश को नक्सलमुक्त करने की बात संसद में कही थी और अब सुरक्षाबलों के जवान गृहमंत्री के इस वादे को पूरा करने के बेहद करीब हैं।
सुरक्षा बलों ने मारे गए माओवादी के शव के साथ घटनास्थल से एक एके-47 राइफल भी बरामद की। क्षेत्र में सशस्त्र माओवादियों की मौजूदगी की खबरों के बाद यह अभियान शुरू किया गया और संयुक्त टीमों द्वारा एक तलाशी अभियान शुरू किया गया। सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच सुबह 7:30 बजे से रुक-रुक कर गोलीबारी जारी है। ऑपरेशन पूरा होने पर एक विस्तृत रिपोर्ट अलग से साझा की जाएगी।
संयुक्त अभियान में हुई कार्रवाई
बटालियन ने एक संयुक्त अभियान में माओवादी सीसी सदस्य रमन्ना के स्मारक को ध्वस्त कर दिया। रमन्ना एक शीर्ष माओवादी नेता थे जिनकी 2019 में हृदयाघात से मृत्यु हो गई।
वह छत्तीसगढ़ में सुरक्षाकर्मियों पर नक्सलियों द्वारा किए गए सबसे घातक हमले के मास्टरमाइंड थे , जो 2010 में हुआ था और जिसमें 76 सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए थे। उन्होंने 2013 में हुए झीरामघाटी हमले की भी योजना बनाई थी, जिसमें राज्य के शीर्ष कांग्रेस नेताओं सहित 28 लोग मारे गए थे।विदेखो किये ने माओवादियों के नियंत्रण में लंबे समय तक रहने वाले लोगों के पुनर्वास और बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए सरकार और सुरक्षा बलों के संयुक्त प्रयासों पर भी जोर दिया।















