छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में पुलिस ने आईपीएल सट्टेबाजी के बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए कार्रवाई की है। अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर पुलिस ने 9 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 3 आरोपी अभी फरार हैं। यह अवैध नेटवर्क बसना, पिथौरा, सांकरा, सरायपाली और भंवरपुर इलाके में लंबे समय से सक्रिय था और ऑनलाइन सट्टा चलाया जा रहा था।
भंवरपुर से शुरू हुई जांच, खुला पूरा नेटवर्क
मामले की शुरुआत भंवरपुर चौक से पकड़े गए आरोपी योगेश्वर देवांगन से हुई। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने अन्य लोगों की पहचान की। इसके बाद 5 विशेष टीमें बनाकर अलग-अलग जगहों पर एक साथ छापेमारी की गई।
छापेमारी में मोबाइल और डिजिटल सबूत जब्त
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 11 मोबाइल फोन और कई डिजिटल सबूत जब्त किए। जांच में सामने आया कि आरोपी ऑनलाइन सट्टेबाजी के लिए फोन-पे और यूपीआई जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे थे।
3 लाख से ज्यादा का लेनदेन सामने आया
प्रारंभिक जांच में 3 लाख रुपये से अधिक के अवैध लेनदेन का खुलासा हुआ है। पुलिस का कहना है कि आगे जांच में यह रकम और बढ़ सकती है।
संगठित तरीके से चल रहा था सट्टा गिरोह
पुलिस के मुताबिक, यह नेटवर्क पूरी तरह संगठित तरीके से काम कर रहा था। इसमें अलग-अलग लोग अलग-अलग जिम्मेदारियां निभा रहे थे, जैसे दांव लगवाना और पैसों का लेनदेन करना। आरोपी तकनीक का सहारा लेकर पुलिस से बचने की कोशिश कर रहे थे।
9 गिरफ्तार, 3 आरोपी फरार
अब तक 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 3 की तलाश जारी है। पुलिस टीम लगातार दबिश देकर फरार आरोपियों को पकड़ने की कोशिश कर रही है।
कानूनी कार्रवाई शुरू, जांच जारी
सभी आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजैक्शन की गहराई से जांच कर रही है। आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
अवैध सट्टेबाजी पर बड़ी कार्रवाई
पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। प्रशासन ने साफ किया है कि आगे भी ऐसे मामलों में सख्त कदम उठाए जाएंगे।














