देश की जनता को महंगाई का बड़ा झटका लग सकता है। सूत्रों के मुताबिक पेट्रोल-डीजल की कीमत 4 से 5 रुपये तक बढ़ाई जा सकती हैं।
अमेरिका-ईरान वॉर की वजह से कच्चा तेल महंगा
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध की वजह से कच्चे तेल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई हैं। इस वजह से सरकार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाने पर विचार कर रही है।
तेल कंपनियों के ऊपर से बोझ कम करने की कोशिश
भारत सरकार के शीर्ष अधिकारी सूत्रों का कहना है कि सरकार एलपीजी गैस के दाम और पेट्रोल-डीजल में भी बढ़ोतरी करके तेल कंपनियों पर से बोझ को कम करना चाहती है, क्योंकि कच्चे तेल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल के पार हो गई हैं।
पिछले 4 सालों से नहीं बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम
देश के पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि पिछले 4 सालों में वैश्विक बाजार में कच्चे तेल में भारी उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़े। बीते 60 दिन में मिलिट्री कॉन्फिल्क्ट और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने के कारण कच्चे तेल के आयात की लागत तेजी से बढ़ी, फिर भी देश में ईंधन के दाम नहीं बढ़े। जबकि इसी अवधि में दुनिया के कई देशों में पेट्रोल-डीजल के दामों में अभूतपूर्व वृद्धि हुई, सैन्य संघर्ष की वजह से कई देशों में उपभोक्ताओं के लिए ईंधन की लिमिट तय हो गई, लम्बी लाइनें देखने को मिलीं। लेकिन पीएम मोदी के मार्गदर्शन में भारत ने पैनिक को पॉलिसी नहीं बनने दिया। देश की रसोई में ईंधन सप्लाई नहीं रुकी। पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़े।
घरेलू LPG सिलेंडर भी हो सकता है महंगा
सूत्रों के मुताबिक कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों की वजह से आशंका है कि घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत भी बढ़ सकती हैं। घरेलू गैस सिलेंडर के दाम 40 से 50 रुपये तक बढ़ाए जा सकते हैं। 1 मई 2026 को ही कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में भारी इजाफा हुआ है।
कमर्शियल गैस सिलेंडर 993 रुपये महंगा
भारत सरकार ने कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में भारी इजाफा किया है। कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में सीधे 993 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। 19 किलो वाले सिलेंडर की कीमत 3071.50 रुपये हो गई है। 1 अप्रैल को इसकी कीमत 2078.50 रुपये थी।













