सोशल मीडिया फर्म मेटा ने एक बार फिर बड़े स्तर पर छंटनी शुरू कर दी है. रिपोर्ट्स के अनुसार, इससे करीब 8 हजार कर्मचारियों की नौकरियों पर असर पड़ सकता है. कई कर्मचारियों को सुबह 4 बजे नौकरी खत्म होने वाले ईमेल मिले, जिससे कंपनी के भीतर तनाव का माहौल बन गया है. यह फैसला ऐसे समय आया है जब मेटा तेजी से अपने एआई प्रोजेक्ट्स और एआई टीम्स को मजबूत करने में जुटी है. कंपनी अब पारंपरिक टीमों की जगह छोटे और तेज एआई आधारित वर्क स्ट्रक्चर पर फोकस कर रही है.
AI पर फोकस, हजारों नौकरियों पर असर
न्यूज 9 लाइव की रिपोर्ट के अनुसार, मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग अब कंपनी को पूरी तरह एआई केंद्रित बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रहे हैं. इसी रणनीति के तहत कंपनी ने ग्लोबल स्तर पर नई छंटनी शुरू की है. रिपोर्ट्स के मुताबिक लगभग 8 हजार कर्मचारी प्रभावित हो सकते हैं, जबकि करीब 7 हजार कर्मचारियों को नई एआई टीम्स में शिफ्ट किया जा रहा है. कंपनी ने लगभग 6 हजार जॉब ओपनिंग्स भी बंद कर दी हैं. बताया जा रहा है कि इंजीनियरिंग और प्रोडक्ट टीम्स पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ेगा. मेटा का मानना है कि छोटे और कम लेयर वाले वर्क स्ट्रक्चर से काम तेजी से होगा और टीम्स ज्यादा जिम्मेदारी के साथ काम कर पाएंगी.
कर्मचारियों में बढ़ी चिंता और नाराजगी
छंटनी की खबर सामने आने के बाद कर्मचारियों के बीच चिंता और नाराजगी बढ़ गई है. रिपोर्ट के अनुसार, सिंगापुर समेत कई देशों में कर्मचारियों को सुबह 4 बजे नौकरी खत्म होने वाले ईमेल मिले. अमेरिका और ब्रिटेन में कई कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करने को कहा गया ताकि छंटनी प्रक्रिया आसान हो सके. इसी बीच कंपनी के नए ट्रैकिंग सिस्टम को लेकर भी विवाद बढ़ गया है. कर्मचारियों का आरोप है कि यह सिस्टम माउस मूवमेंट, कीबोर्ड टाइपिंग और स्क्रीन एक्टिविटी तक ट्रैक कर सकता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक 1000 से ज्यादा कर्मचारियों ने इस निगरानी व्यवस्था के खिलाफ याचिका पर हस्ताक्षर किए हैं.
AI निवेश के लिए बदल रही है कंपनी
मेटा इस साल एआई पर भारी निवेश करने की तैयारी में है. रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी एआई से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर 100 अरब डॉलर से ज्यादा खर्च कर सकती है. कुछ अनुमान इसे 145 अरब डॉलर तक बता रहे हैं. कंपनी अब एआई एजेंट्स और एआई आधारित प्रोडक्ट्स पर तेजी से काम कर रही है. इसी वजह से संगठन में मैनेजमेंट लेयर कम की जा रही हैं और छोटे टीम मॉडल को अपनाया जा रहा है. टेक इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि यह बदलाव सिर्फ मेटा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले समय में दूसरी बड़ी टेक कंपनियां भी इसी दिशा में कदम बढ़ा सकती हैं. इससे टेक सेक्टर में नौकरियों का स्वरूप तेजी से बदलने वाला है.













