केन्या में लड़कियों के एक स्कूल के हॉस्टल में भीषण आग लगने से कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई है। AFP ने बताया कि मरने वालों में ज्यादातर बच्चे शामिल थे और 73 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। रेड क्रॉस ने AFP को बताया कि यह आग रात में नकुरू काउंटी के एक बोर्डिंग स्कूल, उतुमिषी गर्ल्स एकेडमी में लगी थी। हालांकि उन्होंने हताहतों की संख्या नहीं बताई। केन्याई रेड क्रॉस ने कहा कि आग गिलगिल इलाके में स्थित उतुमिषी गर्ल्स एकेडमी सीनियर स्कूल में रात करीब 1 बजे लगी थी लेकिन इसकी सूचना दो घंटे से भी ज्यादा समय बाद मिली।
केन्या में गर्ल्स स्कूल में आग से 16 की मौत
रेड क्रॉस के एक प्रवक्ता ने AFP को बताया “आपातकालीन बचाव दल, एम्बुलेंस कर्मी और हमारे सहायक कर्मचारी इस समय घटनास्थल पर मौजूद हैं।” आग लगने का कारण तत्काल पता नहीं चल पाया है। DW ने बताया कि अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि आग पर काबू पा लिया गया है।
केन्या के स्कूल के हॉस्टल में लगी आग
काउंटी पुलिस अधिकारी मसूद म्विन्यी ने स्कूल के बाहर मौजूद परेशान माता-पिता से बात की और कहा “यह एक दुखद और दिल दहला देने वाली स्थिति है।” म्विन्यी ने पत्रकारों को बताया कि लगभग 50 अधिकारी स्कूल के आस-पास के इलाकों में उन छात्रों की तलाश कर रहे हैं जो आग लगने पर शायद वहां से भाग गई होंगी। आपको बता दें कि केन्या में दशकों से स्कूलों में आग लगने की घटनाएं एक बार-बार होने वाली और जानलेवा समस्या बनी हुई हैं। अधिकारी अक्सर इन घटनाओं को आगजनी, खराब इंफ्रास्ट्रक्चर, हॉस्टलों में ज्यादा भीड़, बिजली की खराबी और सख्त अनुशासन के साथ साथ रहने की खराब स्थितियों को लेकर छात्रों के असंतोष से जोड़ते हैं।
देश में स्कूल में आग लगने की सबसे जानलेवा घटना 2001 में माचाकोस काउंटी के क्यंगुली सेकेंडरी स्कूल में हुई थी जहां स्कूल की नीतियों के विरोध में कथित तौर पर दो छात्रों द्वारा एक हॉस्टल में आग लगा दिए जाने के बाद 67 छात्रों की मौत हो गई थी। 2017 में नैरोबी के मोई गर्ल्स हाई स्कूल में लगी आग में 10 छात्रों की जान चली गई थी। बाद में हुई जांच में यह निष्कर्ष निकला कि एक छात्र ने जान-बूझकर आग लगाई थी। केन्या में 2018 में स्कूलों में आगजनी के 60 से ज्यादा मामले भी सामने आए जिससे बोर्डिंग स्कूलों में इस संकट की गंभीरता उजागर हुई।















