रायपुर-दिल्ली एयर इंडिया फ्लाइट बंद होने का सीधा असर उन यात्रियों पर पड़ेगा जो बिजनेस, सरकारी काम या मेडिकल जरूरतों के लिए नियमित रूप से राजधानी दिल्ली की यात्रा करते हैं। अब यात्रियों के पास सीमित विकल्प बचेंगे और कई लोगों को सुबह या देर रात की फ्लाइट्स पर निर्भर रहना पड़ सकता है।
रायपुर एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए हर दिन बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं। दोपहर की फ्लाइट खासतौर पर उन लोगों के लिए सुविधाजनक मानी जाती थी जो सुबह काम निपटाकर यात्रा करना चाहते थे। एयर इंडिया के इस फैसले के बाद ट्रैवल एजेंसियों और नियमित यात्रियों में चिंता बढ़ गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में टिकट की कीमतों पर भी इसका असर दिखाई दे सकता है।
इंडिगो ने भी कई रूट्स पर घटाई उड़ानें
एयर इंडिया के साथ साथ इंडिगो ने भी कुछ महत्वपूर्ण उड़ानों में कटौती करने का फैसला लिया है। रायपुर-लखनऊ-भुवनेश्वर फ्लाइट अब सप्ताह में केवल 4 दिन संचालित होगी। वहीं रायपुर-पुणे-चेन्नई फ्लाइट को घटाकर हफ्ते में सिर्फ 3 दिन कर दिया गया है।
इन रूट्स पर सफर करने वाले यात्रियों को अब अपनी यात्रा पहले से ज्यादा प्लान करनी होगी। खासतौर पर आईटी सेक्टर, शिक्षा और व्यापार से जुड़े लोग इन उड़ानों का अधिक इस्तेमाल करते हैं। पुणे और चेन्नई जैसे शहरों के लिए सीधी कनेक्टिविटी कम होने से यात्रियों को अब दूसरे शहरों के जरिए यात्रा करनी पड़ सकती है। इससे यात्रा का समय और खर्च दोनों बढ़ सकते हैं।
बढ़ती ईंधन कीमत और खर्च बना बड़ी वजह
एयरलाइंस कंपनियों का कहना है कि एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी ATF की बढ़ती कीमतें और ऑपरेशनल कॉस्ट लगातार दबाव बना रही हैं। पिछले कुछ महीनों में विमान संचालन का खर्च काफी बढ़ा है। यही कारण है कि कंपनियां कम यात्री संख्या वाले या कम लाभ वाले रूट्स पर उड़ानों में कटौती कर रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू विमानन क्षेत्र इस समय लागत और मांग के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है। कई एयरलाइंस अपने नेटवर्क की समीक्षा कर रही हैं ताकि घाटे वाले सेक्टर में खर्च कम किया जा सके। रायपुर जैसे उभरते शहरों में यात्रियों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन फिर भी कुछ रूट्स पर अपेक्षित कमर्शियल लाभ नहीं मिल पा रहा है। रायपुर-दिल्ली एयर इंडिया फ्लाइट बंद होने को भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
यात्रियों और कारोबार पर क्या पड़ेगा असर
उड़ानों में कटौती का असर सिर्फ यात्रियों तक सीमित नहीं रहेगा। ट्रैवल एजेंसियों, होटल कारोबार और बिजनेस ट्रैवल सेक्टर पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है। रायपुर से देश के बड़े शहरों के लिए सीधी कनेक्टिविटी कम होने से व्यापारिक यात्राएं प्रभावित हो सकती हैं।
स्थानीय यात्रियों का कहना है कि पहले ही कई रूट्स पर टिकट महंगे हो चुके हैं। अब उड़ानों की संख्या घटने से किराया और बढ़ने की आशंका है। छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और मेडिकल यात्रियों के लिए यह फैसला परेशानी बढ़ा सकता है। हालांकि एयरलाइंस कंपनियों का कहना है कि मांग और संचालन की स्थिति के अनुसार भविष्य में शेड्यूल की फिर समीक्षा की जा सकती है। फिलहाल यात्रियों को यात्रा से पहले नई फ्लाइट टाइमिंग और उपलब्धता की जानकारी जांचने की सलाह दी गई है।














