ग्लोबल मार्केट (वैश्विक बाजारों) से मिल रहे मिले-जुले संकेतों के बीच आज हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत बेहद सुस्त और निराशाजनक रही। बीते दो ट्रेडिंग सेशन में आई गिरावट का दौर मंगलवार को भी जारी रहा। बाजार खुलते ही बिकवाली का भारी दबाव देखने को मिला, जिससे दोनों मुख्य सूचकांक लाल निशान में चले गए। शुरुआती ट्रेडिंग सेशन में सेंसेक्स 379.63 अंक या 0.51 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,887.71 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं, दूसरी ओर एनएसई (NSE) का निफ्टी 50 भी 125.50 अंक या 0.54 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 23,257.10 के स्तर पर लुढ़क गया है। बाजार की इस चौतरफा गिरावट के कारण आज सुबह ही निवेशकों के करोड़ों रुपये स्वाहा हो गए।
बिकवाली का दबदबा
बाजार में आज बिकवाली का माहौल इस बात से साफ समझा जा सकता है कि एडवांस-डिक्लाइन रेशियो पूरी तरह मंदड़ियों के पक्ष में है। शुरुआती कारोबार में केवल 606 शेयरों में तेजी देखने को मिल रही है, जबकि 944 शेयर भारी नुकसान के साथ लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। इसके अलावा 103 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ है। लार्जकैप के साथ-साथ आज ब्रॉडर मार्केट पर भी मुनाफावसूली का असर है; निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी 0.6-0.6 फीसदी की गिरावट दर्ज की जा रही है।
IT और मेटल सेक्टर्स ने संभाला मोर्च
सेक्टोरियल इंडेक्स की बात करें तो आज आईटी और मेटल को छोड़कर अन्य सभी सेक्टर्स लाल निशान में रेंग रहे हैं। बाजार को पूरी तरह डूबने से बचाने का काम आज आईटी दिग्गजों ने किया है। निफ्टी पर आज के टॉप गेनर्स की लिस्ट में इन्फोसिस, टीसीएस, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और हिंडाल्को शामिल हैं। दूसरी तरफ, बाजार को नीचे धकेलने में सबसे बड़ा हाथ फाइनेंशियल और बैंकिंग शेयरों का रहा। आज के टॉप लूजर्स में बजाज फाइनेंस, एटरनल, बजाज फिनसर्व, अपोलो हॉस्पिटल्स और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयर सबसे आगे हैं, जिनमें भारी गिरावट देखी जा रही है।
क्या रही बाजार में इस बड़ी गिरावट की वजह?
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, आज की इस गिरावट के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े कारण हैं। पहला कारण वैश्विक बाजारों से मिलने वाले अनिश्चित संकेत हैं, जिसके चलते विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) भारतीय बाजार में आक्रामक बाइंग करने से बच रहे हैं। दूसरा बड़ा कारण कल की मामूली तेजी के बाद आज सुबह-सुबह चुनिंदा हैवीवेट शेयरों (विशेषकर फाइनेंशियल और बैंकिंग सेक्टर्स) में निवेशकों द्वारा की गई मुनाफावसूली है।













