गुजरात के सूरत शहर में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों और घुसपैठियों के खिलाफ शहर पुलिस के अलग अलग थाना, क्राइम ब्रांच और एसओजी पुलिस ने एक बेहद बड़ा और व्यापक गुप्त अभियान चलाया है। बीती रात देर रात शुरू हुए इस मेगा ऑपरेशन में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पूरे ऑपरेशन के दौरान बांग्लादेशी होने के संदेह से कुल 261संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया गया। इन सभी संदिग्ध व्यक्तियों से कड़ी पूछताछ और दस्तावेज की प्रारंभिक जांच के बाद उनमें से 84 लोगों के मूल रूप से बांग्लादेशी नागरिक होने की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है। बाकी बचे लोगों के संदिग्ध निवास ओर पहचान को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा गहन पूछताछ और जांच की जा रही है।
व्यापक जांच ओर सर्च ऑपरेशन जारी
गुजरात के उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने आधिकारिक घोषणा करते हुए कहा है कि राज्य में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान कर उन्हें पकड़ने के लिए गुजरात के सभी प्रमुख बड़े शहरों में अभियान शुरू किया जाए। इस सख्त निर्देश के बाद सूरत में पुलिस, क्राइम ब्रांच, एसओजी ओर अन्य सुरक्षा एजेंसियों द्वारा देर रात व्यापक जांच ओर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। पूरी रात चले इस अभियान के दौरान बड़ी संख्या में संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस की जांच में 84 अवैध घुसपैठियों की पहचान कर ली गई है, बाकी बचे संदिग्ध लोगों की अभी भी अधिकारियों द्वारा जांच की जा रही है।
प्रमुख ठिकानों पर छापेमारी
दरअसल, इस पूरे अभियान के दौरान पुलिस ने उन क्षेत्रों को निशाना बनाया जिन्हें बांग्लादेशी घुसपैठियों का प्रमुख ठिकाना माना जाता है। इनमें मुख्य रूप से चौक बाजार, कोसाड आवास, सलाबत पुर, लिंबायत मीठी खाड़ी क्षेत्र शामिल है। इस इलाके में व्यापक कॉम्बिंग ओर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। अचानक पहुंची पुलिस टीमों को देखकर इलाके में अफरा तफरी ओर भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। ऑपरेशन के दौरान पकड़े गए सभी संदिग्धों तथा बांग्लादेशी होने की पुष्टि हो चुके 84 लोगों को कड़ी सुरक्षा के बीच रखा गया है। बाकी बचे लोगों की अभी गहन जांच हो रही है।
इन एंगल पर जांच कर रही पुलिस
जानकारी के मुताबिक, पुलिस फिलहाल प्रत्येक घुसपैठियों की पहचान, रोजगार और देश में प्रवेश की संदिग्ध जानकारी एकत्र कर रही है। घुसपैठिए कैसे देश में घुसे, सूरत कैसे पहुंचे और उनको रहने की सुविधा किसने उपलब्ध कराई? उसकी भी पुलिस जांच कर रही है। इस पूरे अभियान का मुख्य उद्देश्य राज्य में अवैध घुसपैठ पर नियंत्रण स्थापित करना औप सुरक्षा व्यवस्था को अधिक मजबूत बनाना है।














