स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पासओमान तट पर वाणिज्यिक पोत ‘एमटी सेट्टेबेलो’ पर हुए हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि हुई है। फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया (FSUI) के महासचिव मनोज यादव ने इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए एक बड़ा दावा किया है कि अमेरिकी नौसेना बलों को जहाज पर सवार क्रू की राष्ट्रीयता के बारे में ‘101% जानकारी’ थी।
विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए बताया है कि जहाज पर सवार 24 भारतीय क्रू सदस्यों में से 21 को सुरक्षित बचा लिया गया है, और ओमान स्थित भारतीय दूतावास लापता नागरिकों की खोज के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय कर रहा है। लापता तीन भारतीयों की मौत की पुष्टि हो गई ह
सीमैन यूनियन ऑफ इंडिया (एफएसयूआइ) की तरफ से बताया गया है कि मंगलवार को अमेरिका की तरफ से किये गये हमले में मारे गए नाविकों के नाम आदित्य शर्मा (डेक कैडेट), शिवानंद चौरसिया (इंजन फिटर) हैं, पटनाला सुरेश (चीफ इंजीनियर) है।
अमेरिका को पता था की जहाज में कौन-कौन था सवार?
फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया के महासचिव मनोज यादव ने बताया कि मैं यह मानने से बिल्कुल इनकार करता हूं कि अमेरिका को उन जहाजों पर सवार लोगों की राष्ट्रीयता के बारे में जानकारी नहीं थी। मुझे 101% यकीन है कि अमेरिकी नौसेना को ठीक-ठीक पता था कि उन जहाजों पर कितने भारतीय और विदेशी नागरिक सवार थे। अगर जहाजों ने उनके निर्देशों का पालन नहीं किया, तो उन्हें हिरासत में लेना एक उचित विकल्प था।
इससे पहले, विदेश मंत्रालय (MEA) ने सोमवार को ओमान के तट पर स्थित जहाज एमटी सेट्टेबेलो पर हुए हमले की निंदा करते हुए कहा था कि जहाज पर सवार 24 भारतीय चालक दल के सदस्यों में से 21 को बचा लिया गया है, जबकि तीन भारतीय अभी भी लापता हैं। ओमान स्थित हमारा दूतावास स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है और चल रहे खोज एवं बचाव अभियान में ओमान के अधिकारियों के साथ सक्रिय रूप से समन्वय कर रहा













