कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने देशभर के करोड़ों प्रोविडेंट फंड (PF) खाताधारकों के लिए नया फीचर लॉन्च किया है। यह फीचर एक डिजिटल पोर्टल है, जिसका नाम एक्सेस पोर्टल (E-PRAAPTI) रखा गया है। आइए इस पोर्टल के फायदे और काम करने का तरीका जानते हैं…
भारत के PF खाताधारक अकसर एक कंपनी छोड़ दूसरी में चले जाते हैं तो उनके पुराने खाते इनएक्टिव हो जाते हैं, क्योंकि उन्हें पुराने खातों को ट्रैक या लिंक करने की जानकारी नहीं होती। इन समस्याओं का समाधान करने के लिए EPFO ने नया डिजिटल प्लेटफॉर्म E-PRAAPTI लॉन्च किया है।
पुराने खातों के लिए लॉन्च हुआ पोर्टल
E-PRAAPTI पोर्टल पुराने, इनएक्टिव) या भूले हुए प्रोविडेंट फंड (PF) खातों को तलाशने, उन्हें ट्रैक करने और उन्हें यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) से लिंक करके एक्टिव करने में मदद करेगा। इसके लिए PF खाताधारक अपना नाम, पता, डेट ऑफ बर्थ आदि से प्रोफाइल अपडेट कर सकेंगे। यह भी पढ़ें: EPFO Scheme : बिना 1 रुपये दिए मिलेगा 7 लाख रुपए का इंश्योरेंस, नौकरीपेशा ध्यान दें
UAN या पुरानी ID भूले गए तो नो टेंशन
बता दें कि अगर खाताधारक के पास पुरानी मेंबर आईडी नहीं है तो पोर्टल नाम, मोबाइल नंबर या पिछली नौकरी के रिकॉर्ड की मदद से खाते को सर्च कर देगा। UAN नंबर भूल गए तो इस पोर्टल पर आधार कार्ड नंबर, बायोमेट्रिक/OTP वेरिफिकेशन से पुराने पीएफ खातों को खोज सकते हैं।
कैसे काम करेगा नया ई-प्राप्ति पोर्टल?
बता दें कि इस पोर्टल पर पुराना खाता तलाशने के बाद खाताधारक उसे आसानी ने अपने वर्तमान UAN से जोड़ सकते हैं। खाते में जमा पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं या निकाल सकते हैं। इस पोर्टल को EPFO की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर ई-प्राप्ति (E-PRAAPTI) पर क्लिक करके यूज करें। यह भी पढ़ें: EPFO New Rules: UAN एक्टिवेशन का बदला नियम, आधार फेस ऑथेंटिकेशन से होगा अब, जानें स्टेप बाय स्टेप प्रोसेस
क्या है कर्मचारी भविष्य निधि संगठन?
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) दुनिया के सबसे बड़े सामाजिक सुरक्षा संगठनों में से एक है। यह भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के तहत काम करने वाला संगठन है, जिसका मकसद सरकारी कर्मचारियों के भविष्य के लिए फंड, पेंशन और उनकी बीमा योजनाओं को मैनेज करना है।
EPFO के द्वारा संचालित मुख्य योजनाएं
के द्वारा सरकारी कर्मचारियों के लिए तीन स्कीमें संचालित की जाती हैं। EPF योजना 1952 के तहत रिटायरमेंट के समय या नौकरी छोड़ने पर एकमुश्त राशि और ब्याज दिया जाता है। EPS योजना 1995 (पेंशन) के तहत 58 वर्ष की उम्र के बाद कर्मचारियों और उनके परिवार को मासिक पेंशन दी जाती है। EDLI योजना 1976 (बीमा) के तहत नौकरी के दौरान कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके परिवार को 7 लाख रुपये तक का जीवन बीमा दिया जाता है।














