केरल में शिगेला के मामले काफी बढ़ रहे हैं। बारिश के दिनों में होने वाला ये एक खतरनाक संक्रमण है जो बच्चों को तेजी से अपनी चपेट में लेता है। शिगेला संक्रमण (Shigellosis) आंतों में होने वाला एक संक्रमण है, जो Shigella नाम के बैक्टीरिया से पैदा होता है। ये इंफेक्शन पूरी दुनिया में डायरिया यानि दस्त का बड़ा कारण माना जाता है। खासतौर से बच्चों में इसका खतरा काफी बढ़ जाता है। भारत में जहां कई इलाकों में साफ पानी और खाना नहीं मिल पाता है, साफ-सफाई रखना मुश्किल है वहां यह संक्रमण तेजी से फैलता है और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय बन जाता है।
डॉक्टर राजीव चौधरी (डायरेक्टर इंटरनल मेडिसिन, यथार्थ अस्पताल, फरीदाबाद सेक्टर 20) ने बताया कि शिगेला बैक्टीरिया शरीर में पहुंचने के बाद बड़ी आंत (कोलन) की अंदरूनी परत पर हमला करता है, जिसके कारण सूजन और इंफेक्शन होने लगता है। किसी व्यक्ति के संक्रमित होने के बाद आमतौर पर 1-3 दिन में इसके लक्षण दिखाई देने लगते हैं। कई बार लक्षणों के सामने आने में हफ्तेभर का भी समय लग सकता है। कई बार मरीज इंफेक्शन के बाद जल्दी ठीक हो जाते हैं और कुछ मामलों में स्थिति गंभीर हो जाती है। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
शिगेला का खतरा
शिगेला इंफेक्शन बहुत कम बैक्टीरिया से भी किसी भी व्यक्ति में आसानी से फैल सकता है। यही वजह है कि ये संक्रमण तेजी से फैल सकता है, खासतौर से स्कूलों, डे-केयर सेंटरों, भीड़भाड़ वाले इलाकों और उन जगहों पर जहां साफ सफाई अच्छी नहीं रहती है वहां इस बैक्टीरिया के फैलने का खतरा अधिक बढ़ जाता है। अगर समय पर इंफेक्शन की पहचान, सही इलाज और स्वच्छता का ध्यान रखा जाए तो इस संक्रमण को काफी कम किया जा सकता है।
शिगेला संक्रमण के लक्षण
बार-बार दस्त
मल में खून या बलगम आना
पेट में तेज दर्द और ऐंठन
बुखार और कमजोरी
मतली और उल्टी आना
भूख कम लगना
शरीर में पानी की कमी
बच्चों में गंभीर डिहाइड्रेशन
तेज बुखार जैसी समस्याएं
शिगेला कैसे फैलता है?
यह संक्रमण मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति के मल के संपर्क में आने से फैलता है। इसे “फीकल-ओरल ट्रांसमिशन” कहा जाता है। अगर कोई व्यक्ति शौचालय का इस्तेमाल करने का बाद अच्छी तरह से हाथ नहीं धोए और फिर खाना या दूसरी चीजों को छू ले तो बैक्टीरिया आसानी से दूसरे में पहुंच सकता है। अगर आप खराब गंदा पानी पी रहे हैं, खाने में इंफेक्शन है तो भी बैक्टीरिया फैल सकता है। संक्रमित व्यक्ति के साथ खाने, उसके बहुत पास संपर्क में आने और मक्खियां भी दूषित पदार्थों से बैक्टीरिया पहुंच सकता है।
शिगेला संक्रमण से बचाव
बचने के लिए आपको व्यक्तिगत रूप से साफ सफाई का ध्यान रखना जरूरी है। दिन में खाने से पहले और शौचालय के इस्तेमाल के बाद अच्छी तरह से साबुन से हाथ धोएं। संक्रमण के बचने के लिए साफ पानी पीएं, पानी को उबालकर उपयोग करें, खाने को अच्छी तरह पकाकर खाएं, फल सब्जियों को अच्छी तरह धोकर ही इस्तेमाल करें। दस्त या बुखार होने पर खुद से दवा न लेकर डॉक्टर को दिखाएं।













