देशभर में इन दिनों यह खबर तेजी से फैल रही है कि 30 जून के बाद LPG गैस सिलेंडर मिलना बंद हो जाएगा। लेकिन सच्चाई इससे थोड़ी अलग है। सरकार मे गैस सिलेंडर पूरी तरह बंद करने का कोई आदेश नहीं दिया है, बल्कि कुछ नए नियम और डेडलाइन तय की गई है, जिनका असर कुछ उपभोक्ताओं पर जरूर पड़ सकता है।
दरअसल, सरकार LPG सिस्टम को ज्यादा पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए कई बदलाव कर रही है। इन बदलावों का मुख्य फोकस है डुप्लीकेट कनेक्शन रोकना, सब्सिडी सही लोगों तक पहुंचना और जहां पाइप गैस( PNG) उपलब्ध है, वहां LPG पर निर्भरता कम करना।
30 जून क्यों अहम है?
सरकार ने मार्च में एक नया नियम लागू किया था, जिसके तहत जिन इलाकों में PNG (पाइप गैस) की सुविधा मौजूद है, वहां रहने वाले लोगों को 90 दिन के अंदर LPG से PNG में शिफ्ट होना होगा। यह समयसीमा अब 30 जून के आसपास पूरी हो रही है।
अगर कोई उपभोक्ता PNG सुविधा होने के बावजूद LPG सिलेंडर का इस्तेमाल जारी रखता है, तो उसका गैस कनेक्शन बंद किया जा सकता है या सप्लाई रोकी जा सकती है।
किन लोगों पर पड़ेगा असर?
* जिन इलाके में PNG उपलब्ध है।
* जिन्होंने अभी तक PNG कनेक्शन नहीं लिया है
* तो LPG और PNG दोनों साथ में इस्तेमाल कर रहे हैं।
* बता दें कि सरकार ने साफ कर दिया है कि एक घर में एक ही गैस कनेक्शन मान्य होगा और PNG होने पर LPG रखना नियमों के खिलाफ है।
e-KYC नहीं किया तो सब्सिडी बंद
एक और बड़ा अपडेट यह है कि LPG उपभोक्ताओं खासकर उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को 30 जून तक e-KYC पूरा करना जरूरी है। अगर ऐसा नहीं किया गया, तो गैस सिलेंडर की सब्सिडी बंद हो सकती है, हालांकि सिलेंडर मिलना बंद नहीं होगा।
आइए जानते हैं कि LPG सिलेंडर के क्या दाम हैं?
दिल्ली में आज घरेलू सिलेंडर LPG (14.2 किलो) सिलेंडर की कीमत करीब ₹942 है। वहीं अगर 5 Kg सिलेंडर की बात करें तो उसका प्राइस ₹349 के आसपास है। 19 kg कमर्शियल सिलेंडर ₹3,113 के करीब है।
क्यों बढ़ रहे हैं LPG के दाम?
LPG की कीमतें सीधे आपके शहर से तय नहीं होती, बल्कि कई ग्लोबल और घरेलू कारणों पर निर्भर करती हैं:
1. कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें
अगर इंटरनेशनल मार्केट में तेल महंगा होता है, तो LPG भी महंगी हो जाती है।
2. डॉलर की मजबूती
बता दें कि भारत तेल आयात करता है ऐसे में अगर डॉलर मजबूत होगा तो इंपोर्ट महंगा पड़ेगा।
3. ग्लोबल टेंशन
हाल के समय में पश्चिम एशिया ( West Asia) में तनाव के कारण सप्लाई पर असर पड़ा, जिससे कीमते काफी हद तक बढ़ गईं।
4. सप्लाई और डिमांड
सरकार और ऑयल कंपनियां हर महीने कीमतों की समीक्षा करती हैं, जिससे उतार-चढ़ाव आता है ।
सिलेंडर फिलहाल ₹942 के आसपास बना हुआ है, लेकिन लगातार बढ़ती कीमतें साफ इशारा दे रही हैं कि आने वाले समय में राहत मिलना आसान नहीं होगा। ग्लोबल फैक्टर्स और सरकार की नीतियां तय करेंगी कि गैस सस्ती होगी या और महंगी।















