भारतीय शेयर बाजार ने पिछले सप्ताह मजबूती के साथ कारोबार खत्म किया. इस दौरान बाजार में जमकर खरीदारी देखने को मिली. लेकिन ईरान और अमेरिका का युद्ध एक बार फिर भड़क गया है. दोनों ओर से हमले जारी हैं. कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली है. ऐसे में निवेशकों की नजर अगले सप्ताह पर है, क्योंकि कई बड़े घटनाक्रम बाजार की दिशा तय कर सकते हैं.
पिछले सप्ताह सेंसेक्स करीब 0.75 फीसदी की बढ़त के साथ 78,151 अंक पर बंद हुआ. वहीं निफ्टी 50 भी लगभग 0.53 फीसदी चढ़कर 24,334 अंक पर पहुंच गया. हालांकि, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में हाल की तेजी के बाद कुछ मुनाफावसूली देखने को मिली, जिससे ये सूचकांक हल्की गिरावट के साथ बंद हुए.
इन फैक्टर्स का रहेगा असर
अगले सप्ताह भारतीय बाजार पर सबसे ज्यादा असर दुनियाभर के बाजारों, कंपनियों के तिमाही नतीजों और मध्य पूर्व के हालात का पड़ सकता है. शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजार में टेक्नोलॉजी शेयरों में बड़ी बिकवाली देखने को मिली. खासकर सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट आई, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई. अगर यह कमजोरी जारी रहती है, तो इसका असर भारतीय आईटी और टेक शेयरों पर भी पड़ सकता है.
अगले सप्ताह रहेगी हलचल
विशेषज्ञों का कहना है कि अगले सप्ताह अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की कीमतों पर सबसे ज्यादा नजर रहेगी. अगर मध्य पूर्व में हालात और बिगड़ते हैं, तो कच्चे तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं. इसका असर भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों पर पड़ सकता है और शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है. घरेलू स्तर पर भी अगले सप्ताह काफी हलचल रहने वाली है. 20 से 24 जुलाई के बीच कई बड़ी कंपनियां अपने अप्रैल-जून तिमाही (Q1) के नतीजे जारी करेंगी. विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि निवेशकों को जल्दबाजी में किसी शेयर के पीछे भागने से बचना चाहिए. मजबूत फंडामेंटल्स वाली कंपनियों में ही निवेश करना बेहतर रहेगा.
कुल मिलाकर, अगले सप्ताह शेयर बाजार की दिशा वैश्विक घटनाओं, कच्चे तेल की कीमतों और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर काफी हद तक निर्भर करेगी. ऐसे में निवेशकों को सतर्क रहकर और सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है.
Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए. Rgh अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है.













