नीट पेपर लीक से नाराज छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के अधिकारियों पर बड़ी कार्रवाई की गई है। कुल 47 अधिकारियों को नौकरी से निकाल दिया गया है। इसके साथ ही आने वाले दिनों में कई अन्य अधिकारियों को निकाले जाने की खबरें भी सामने आ रही हैं। सरकार परीक्षा व्यवस्था में बड़े स्तर का सुधार लाने की कोशिश कर रही है। इसी कोशिश में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने 47 अधिकारियों को नौकरी से निकाला है। इनमें से कुछ अधिकारियों के खिलाफ कानूनी और क्रिमिनल कार्रवाई भी की जाएगी।
सरकार सुधार के लिए और भी कार्रवाई करेगी। यह कार्रवाई नेशनल टेस्टिंग एजेंसी में बड़े बदलाव का हिस्सा है। नीट पेपर लीक के बाद से यह एजेंसी लगातार विवादों में रही है। इसी वजह से अब पूरी एजेंसी में बड़े स्तर पर बदलाव किए जा रहे हैं। परीक्षा प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है और आने वाले दिनों में कई और बदलाव करने की बात कही है। हालांकि, सरकार ने संकेत दिए हैं कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगे।
पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून ला रही सरकार
पीएम मोदी ने गुरुवार देर रात वीडियो मैसेज जारी कर बताया था कि सरकार पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून लेकर आ रही है। शुक्रवार को कैबिनेट कमेटी ने इस विधेयक को मंजूरी दे दी। अब सोमवार को इसे सदन में पेश किया जाएगा। इसके तहत 10 साल की सजा, 10 करोड़ के जुर्माने का प्रावधान है। साथ ही फास्ट ट्रैक कोर्ट पेपर लीक पर तीन महीने में सजा सुनाएगा। पीएम मोदी ने बताया था कि सरकार की कोशिश जल्द से जल्द नए कानून को सदन से पास कराकर लागू करने की होगी। नीट पेपर लीक के आरोपी पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं और कोर्ट से भी उन्हें कोई राहत नहीं मिल रही है।
270 परीक्षाएं करा चुकी है नेशनल टेस्टिंग एजेंसी
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी 2017 में बनी थी। 2018 से लेकर अब तक यह एजेंसी 270 परीक्षाएं करवा चुकी है। इन परीक्षाओं में 6 करोड़ 60 लाख छात्र शामिल हुए। इस साल नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने अब तक 12 परीक्षाएं कराई हैं, जिनमें 65 लाख छात्रों ने एग्जाम दिया है। NTA में 39 स्थायी पद स्वीकृत हैं, जिसमें सिर्फ 24 कार्यरत हैं और 15 पद खाली हैं। 73 लोग संविदा पर रखे गए हैं और 124 कर्मचारी आउटसोर्सिंग से हैं













