छत्तीसगढ़ में रेलवे नेटवर्क के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर राज्य की लंबित रेल परियोजनाओं पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में कटघोरा-डोंगरगढ़ नई रेलवे लाइन परियोजना को रेल मंत्रालय और छत्तीसगढ़ सरकार के संयुक्त उपक्रम (Joint Venture) के माध्यम से विकसित करने पर सहमति बनी। इस परियोजना के तहत करीब 295 किलोमीटर लंबी रेल लाइन बनाई जाएगी और इसके मार्ग पर 27 नए रेलवे स्टेशन विकसित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह परियोजना राज्य में रेल संपर्क को मजबूत करने के साथ-साथ उद्योग, व्यापार, कृषि, पर्यटन, खनिज परिवहन और जनजातीय क्षेत्रों के विकास को नई गति देगी।
पहली बार इन इलाकों तक पहुंचेगी रेल
कटघोरा-डोंगरगढ़ रेल लाइन कटघोरा, करतला, मुंगेली, कवर्धा, खैरागढ़ होते हुए डोंगरगढ़ तक जाएगी। इस परियोजना से कई ऐसे क्षेत्रों को पहली बार रेलवे कनेक्टिविटी मिलेगी, जहां अब तक रेल सुविधा उपलब्ध नहीं थी। परियोजना के क्रियान्वयन के लिए एक स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) का गठन किया जाएगा।
रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन की भी हुई समीक्षा
बैठक में रावघाट-जगदलपुर रेलवे लाइन परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि लगभग 140 किलोमीटर लंबी इस रेल लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में है। निर्माण शुरू होने के बाद बस्तर क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी और सामाजिक-आर्थिक विकास को नई रफ्तार मिलेगी।
तीन और रेल परियोजनाओं को जल्द मंजूरी देने का आग्रह
मुख्यमंत्री साय ने रेल मंत्री से राज्य की तीन अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं को जल्द मंजूरी देने का अनुरोध किया। इनमें शामिल हैं:
सरडेगा–पत्थलगांव–अंबिकापुर रेल लाइन (244 किमी)
धरमजयगढ़–पत्थलगांव–लोहरदगा रेल लाइन (301 किमी)
अंबिकापुर–बरवाडीह रेल लाइन (200 किमी)
उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से उत्तर छत्तीसगढ़ और सीमावर्ती क्षेत्रों की रेल संपर्क व्यवस्था मजबूत होगी तथा पर्यटन, व्यापार, खनिज परिवहन और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन परियोजनाओं पर सकारात्मक पहल और जल्द मंजूरी का भरोसा दिया।
बस्तर की दो अन्य परियोजनाओं पर भी चर्चा
बैठक में किरंदुल–कोठागुडेम (180 किमी) और गड़चिरोली–बीजापुर–किरंदुल (बचेली) (490 किमी) रेल परियोजनाओं के सर्वे कार्य की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने इनका सर्वे जल्द पूरा करने का अनुरोध किया ताकि आगे की प्रक्रिया शुरू हो सके।













