रायगढ़, 17 अगस्त 2026/ नजूल पट्टाधारकों को सुविधाजनक, पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में रायगढ़ जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। जिले में अब ई-नजूल व्यवस्था लागू कर दी गई है। नई व्यवस्था के माध्यम से नजूल पट्टा नवीनीकरण की प्रक्रिया को डिजिटल और सरल बनाया गया है। इससे नागरिक अपने मोबाइल फोन के माध्यम से घर बैठे नजूल पट्टा नवीनीकरण के लिए आवेदन कर सकेंगे।

नई व्यवस्था के तहत क्यूआर कोड स्कैन कर कुछ ही मिनटों में आवेदन की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। इससे नजूल पट्टाधारकों को आवेदन जमा करने के लिए बार-बार संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता कम होगी। डिजिटल प्रक्रिया के कारण आवेदन की कार्यवाही अधिक व्यवस्थित होने के साथ ही इसमें पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
*30 दिवस में नवीनीकरण की कार्यवाही पूर्ण करने का लक्ष्य*
ई-नजूल व्यवस्था में नजूल पट्टा नवीनीकरण के प्रकरणों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखने पर विशेष जोर दिया गया है। नजूल पट्टा नवीनीकरण की पूरी कार्यवाही 30 दिवस के भीतर पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इससे नागरिकों को अपने प्रकरण के निराकरण के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा और नजूल संबंधी सेवाओं की डिलीवरी भी अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगी। नई प्रणाली के तहत आवेदन प्रक्रिया से लेकर आवश्यक दस्तावेजों एवं संबंधित प्रतिवेदनों की कार्यवाही को सुव्यवस्थित किया जाएगा। इससे प्रकरणों की निगरानी आसान होगी और निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्यवाही पूरी करने में मदद मिलेगी।
प्रतिवेदन भी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ई-नजूल व्यवस्था में इन आवश्यक कार्यवाहियों को भी अधिक सरल और व्यवस्थित तरीके से संपादित करने का प्रयास किया गया है। डिजिटल प्रणाली के माध्यम से आवेदन के विभिन्न चरणों को व्यवस्थित करने से संबंधित विभागों के बीच समन्वय बेहतर होगा तथा प्रकरणों के निराकरण में तेजी आएगी। इससे नजूल पट्टाधारकों को सुविधा मिलने के साथ ही प्रशासनिक कार्यप्रणाली में भी दक्षता बढ़ेगी। जिला प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य नागरिकों को सरल, सुगम, पारदर्शी और समयबद्ध शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराना है। ई-नजूल व्यवस्था लागू होने से नजूल पट्टा नवीनीकरण की पारंपरिक प्रक्रिया में होने वाली अनावश्यक भागदौड़ कम होगी और डिजिटल माध्यम से नागरिकों को सेवा प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी।














