जांच एजेंसी (NIA) ने सोमवार को पहलगाम आतंकी हमले के मामले में सात आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इनमें पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और उसका मुखौटा संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) भी शामिल है। चार्जशीट में पाकिस्तान में बैठे आतंकी हैंडलर साजिद जट्ट को भी आरोपी बनाया गया है। आपको बता दें कि पाकिस्तानी आतंकी साजिद जट्ट 10 लाख रुपये का इनामी आतंकी है। साजिद जट्ट उर्फ हबीबुल्लाह मलिक NIA की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल है। लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और उसके फ्रंट संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) का टॉप कमांडर साजिद जट्ट जम्मू-कश्मीर में हुए कई बड़े आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड रहा है।
कौन है साजिद जट्ट?
साजिद जट्ट पाकिस्तानी नागरिक है, पंजाब प्रांत के कसूर जिले का रहने वाला है। साजिद जट्ट असली नाम हबीबुल्लाह मलिक है। लेकिन साजिद जट्ट कई उर्फ नामों से भी जाना जाता है जैसे सैफुल्लाह, नूमी, नुमान, लंगड़ा, अली साजिद, उस्मान हबीब, शानी। अक्टूबर 2022 में साजिद जट्ट को UAPA के तहत ‘व्यक्तिगत आतंकी’ घोषित किया गया था।
2023–2025 के बड़े आतंकी हमले, जिनसे जुड़ा साजिद जट्ट का नाम
धांगरी नरसंहार (जनवरी 2023, राजौरी)– 7 नागरिकों की हत्या, मुख्य साजिशकर्ता साजिद जट्ट
IAF काफिले पर हमला (मई 2024, पुंछ)– एक जवान शहीद
रियासी बस हमला (जून 2024)– तीर्थयात्रियों से भरी बस पर हमला, हैंडलर की भूमिका
पहलगाम आतंकी हमला (अप्रैल 2025)– पर्यटकों पर हमला, 26 की मौत, मास्टरमाइंड होने का शक
NIA की बड़ी कार्रवाई
NIA ने साजिद जट्ट की गिरफ्तारी पर ₹10 लाख का इनाम घोषित किया है। भारत सरकार के खिलाफ जंग छेड़ने के आरोप में साजिद जट्ट पर कई चार्जशीट दायर की गई है। साजिद जट्ट पर हाइब्रिड आतंकियों को लॉजिस्टिक और ऑपरेशनल सपोर्ट देने का आरोप भी है। साजिद जट्ट को कश्मीर में आतंकी नेटवर्क का सबसे खतरनाक चेहरा माना जा रहा है।
इस चार्जशीट में पाकिस्तान की साजिश, आरोपियों की भूमिका और मामले से जुड़े सबूतों का विस्तार से जिक्र किया गया है। NIA ने पहली बार LeT/TRF को एक आतंकी संगठन (कानूनी इकाई) के तौर पर आरोपी बनाया है, जिसने पहलगाम हमले की योजना बनाई, मदद की और उसे अंजाम दिया। इस हमले में धर्म के आधार पर लोगों को निशाना बनाया गया था, जिसमें 25 पर्यटक और एक स्थानीय नागरिक की जान गई थी।
यह 1,597 पन्नों की चार्जशीट जम्मू की NIA स्पेशल कोर्ट में दाखिल की गई है। इसके अलावा, जुलाई 2025 में श्रीनगर के दाचीगाम इलाके में ऑपरेशन ‘महादेव’ के दौरान मारे गए तीन पाकिस्तानी आतंकियों के नाम भी चार्जशीट में शामिल हैं। इनकी पहचान फैसल जट्ट उर्फ सुलेमान शाह, हबीब ताहिर उर्फ जिब्रान और हमजा अफगानी के रूप में हुई है।
NIA ने LeT/TRF और इन चारों आतंकियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023, आर्म्स एक्ट 1959 और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) 1967 की अलग-अलग धाराओं में आरोप लगाए हैं। साथ ही, भारत के खिलाफ जंग छेड़ने की धाराएं भी लगाई गई हैं।
करीब 8 महीने तक चली वैज्ञानिक और गहन जांच के बाद NIA ने इस केस (RC-02/2025/NIA/JMU) की साजिश को पाकिस्तान से जुड़ा पाया है, जो लगातार भारत के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा देता रहा है।
इस मामले में आतंकियों को पनाह देने के आरोप में 22 जून 2025 को गिरफ्तार किए गए परवेज अहमद और बशीर अहमद जोथात को भी चार्जशीट में शामिल किया गया है। पूछताछ के दौरान दोनों ने हमले में शामिल तीनों आतंकियों की पहचान बताई और यह भी पुष्टि की कि वे पाकिस्तानी नागरिक थे और प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े थे।
















