रायगढ़। NTPC Limited के प्रस्तावित तीसरे चरण विस्तार को लेकर 2 जून को महलोई में जनसुनवाई होने जा रही है। परियोजना के विस्तार के लिए बड़ी मात्रा में भूमि अधिग्रहण और बढ़ते फ्लाई ऐश प्रदूषण को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही है।

जानकारी के अनुसार NTPC लारा की कुल क्षमता 4800 मेगावाट तक बढ़ाने की तैयारी है। इसके लिए दो नई 800-800 मेगावाट की इकाइयां प्रस्तावित हैं। विस्तार के बाद फ्लाई ऐश उत्पादन वर्तमान की तुलना में कई गुना बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पहले चरण में रोजगार और पुनर्वास के जो वादे किए गए थे, वे पूरी तरह जमीन पर नहीं उतरे। अब फिर से किसानों की जमीन लेने की तैयारी की जा रही है, जबकि स्थायी रोजगार को लेकर स्थिति साफ नहीं है।
फ्लाई ऐश डंपिंग और प्रदूषण को लेकर पहले भी NTPC लारा सवालों के घेरे में रही है। ऐसे में छह यूनिट एक साथ चालू होने के बाद आसपास के गांवों में प्रदूषण बढ़ने की आशंका से ग्रामीण चिंतित हैं।

**2 जून की जनसुनवाई में सबसे बड़ा सवाल यही रहेगा कि विकास के नाम पर जमीन देने वाले ग्रामीणों को आखिर रोजगार, पुनर्वास और प्रदूषण से सुरक्षा की क्या गारंटी मिलेगी।**













