भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगलवार, 2 जून, 2026 को कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के 4 जून को केरल में प्रवेश करने की संभावना है। यह अपडेट आईएमडी द्वारा 29 मई को जारी एक बयान के बाद आया है, जिसमें उसने स्वीकार किया था कि 26 मई की पूर्वानुमानित तिथि के बाद चार दिनों के भीतर केरल में बारिश होने की संभावना नहीं है। राज्य में मानसून के आगमन की ‘सामान्य’ तिथि पहले 1 जून निर्धारित की गई थी। कमजोर हवाओं और चक्रवाती व्यवधान के कारण मानसून तय समय से 2-3 दिनों की देरी से आ रहा है।
मानसून से पहले मौसम में बदलाव
इस साल मानसून के दौरान देश के विभिन्न क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है। मानसून के आने से पहले कई राज्यों में आंधी, ओलावृष्टि का दौर जारी है तो वहीं कई राज्यों में लू चल रही है। बता दें कि महाराष्ट्र में तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। हालांकि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने इस साल दीर्घकालिक औसत से 90% कम वर्षा का अनुमान लगाया है, और अल नीनो के मानसून के उत्तरार्ध को प्रभावित करने की संभावना है।
क्यों देर से आ रहा है मानसून
दक्षिण-पश्चिम मानसून, जो सामान्यतः 1 जून तक केरल पहुंच जाता है, अपर्याप्त पश्चिमी हवाओं और बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती गतिविधि के कारण इस साल देर से आ रहा है। इससे पहले केरल और लक्षद्वीप में छिटपुट बारिश दर्ज की गई है, लेकिन भारतीय मौसम विज्ञान विभाग का कहना है कि मानसून के आधिकारिक आगमन के लिए आवश्यक वर्षा, हवा की गति और बादल छाने की स्थिति अभी तक नहीं बनी है। अब अगले दो से तीन दिनों में केरल, तमिलनाडु और आसपास के इलाकों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन चुकी हैं।













