राजधानी रायपुर से एक बड़ा और संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां शहर के काजी आरिफ अली फारूकी को एक महिला के साथ अश्लील हरकत करने के आरोप में पद से हटा दिया गया है। इस मामले में छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से काजी के पद से हटा दिया। वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज के अनुसार, यह न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश का पहला मामला है, जब किसी काजी को इस तरह के गंभीर और शर्मनाक आरोपों के चलते पद से हटाया गया है।
शिकायत और जांच
इस मामले की शुरुआत मिनाज मेनन द्वारा की गई शिकायत से हुई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि 31 मार्च की रात काजी ने एक महिला के साथ अश्लील हरकत की। शिकायत के साथ दस्तावेज भी प्रस्तुत किए गए थे। वक्फ बोर्ड ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच करवाई। जांच में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया।
मौलानाओं का समर्थन
रायपुर शहर के 17 मौलानाओं ने भी इस मुद्दे पर एकजुट होकर काजी के खिलाफ कदम उठाने का समर्थन किया। सभी मौलानाओं ने हस्ताक्षर कर वक्फ बोर्ड को प्रस्ताव भेजा, जिसमें स्पष्ट कहा गया कि ऐसे व्यक्ति को इस महत्वपूर्ण पद पर बनाए रखना उचित नहीं है।
समाज में आक्रोश
काजी का पद समाज में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। ईद जैसे प्रमुख त्योहारों की घोषणा और चांद देखने की पुष्टि जैसे फैसले काजी ही लेते हैं। ऐसे में इस घटना के सामने आने के बाद समाज में भारी नाराजगी देखी गई। समाज के लोगों ने बैठक कर काजी को पद से हटाने का प्रस्ताव पारित किया, जिसके बाद वक्फ बोर्ड ने आधिकारिक आदेश जारी कर उन्हें पद से हटा दिया।
आगे क्या?
अब शहर में नए काजी की नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। मौलाना समुदाय द्वारा तीन नामों का पैनल तैयार कर वक्फ बोर्ड को भेजा जाएगा, जिसके आधार पर नए काजी का चयन किया जाएगा। लेकिन यह मामला धार्मिक पदों की गरिमा और जिम्मेदारी पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। वहीं वक्फ बोर्ड की त्वरित कार्रवाई यह दर्शाती है कि किसी भी स्तर पर अनुचित आचरण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।












