केंद्र सरकार के आदेश के अनुसार, अब पासपोर्ट में नाम बदलने के लिए भारत के राजपत्र यानी गजट ऑफ इंडिया को भी वैलिड डॉक्यूमेंट माना जाएगा। राज त्रेहन बनाम भारत संघ मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने विदेश मंत्रालय को गजट ऑफ इंडिया को वैलिड डॉक्यूमेंट बनाने के नियम पर विचार करने की नसीहत दी। विदेश मंत्रालय ने भी अपनी चूक में सुधार करने का दावा किया।
विदेश मंत्रालय ने नियम में बदलाव किया
विदेश मंत्रालय की ओर से राज त्रेहन के मामले की समीक्षा की गई। नियमों की समीक्षा भी की गई और स्वीकार किया कि साल 2020 के पूर्व दिशानिर्देशों में अनजाने में गजट ऑफ इंडिया को वैलिड डॉक्यूमेंट के रूप में शामिल नहीं किया गया था। लेकिन मंत्रालय अब औपचारिक रूप से नियमों में संशोधन कर दिया है, जिससे गजट ऑफ इंडिया या गजट ऑफ स्टेट को वैलिड डॉक्यूमेंट का दर्जा दिया गया।
नाम बदलवाने के अब चलेंगे ये डॉक्यूमेंट
संशोधित नियमों के अनुसार, पासपोर्ट में नाम बदलवाने के लिए लोगों को अब 2 स्थानीय समाचार पत्रों की कटिंग, राज्य सरकार के गजट में पब्लिश अधिसूचना या गजट ऑफ इंडिया में पब्लिश अधिसूचना में से कोई एक जमा करानी होगी। साल 2020 के दिशानिर्देशों के तहत पासपोर्ट में नाम बदलवाने की अन्य शर्तें वही रहेंगी। पासपोर्ट जारी करने वाले अधिकारियों को नए नियम का पालन करने का निर्देश दिया गया है।
पासपोर्ट में नाम ऐसे बदलवा सकते लोग
बता दें कि पासपोर्ट में पति या पत्नी का नाम बदलवाने के लिए पासपोर्ट सेवा पोर्टल पर ऑनलाइन अप्लाई करना होगा। आवश्यक डॉक्यूमेंट और फीस भरने के बाद पासपोर्ट सेवा केंद्र पर जाकर दस्तावेजों की वेरिफिकेशन करानी होगी। वेरिफिकेशन होने और प्रक्रिया पूरी करने के बाद भारतीय पासपोर्ट ऑफिस आपको बदले हुए नाम के साथ नया पासपोर्ट जारी कर देगा।
शादी या तलाक के मामले में ऐसे बदलेगा
बता दें कि शादी होने के बाद पासपोर्ट में नाम बदलवाने के लिए मैरिज सर्टिफिकेट देना होगा। पति या पत्नी के पासपोर्ट की कॉपी भी देनी होगी। वहीं तलाक के बाद पासपोर्ट में नाम बदलवाने के लिए तलाक की डिक्री सबमिट करानी होगी















