महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में रहने वाले लोगों के लिए बड़ी खबर सामने आ रही है। भीषण गर्मी और जलाशयों में तेजी से घटते जलस्तर के बीच बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने आज 15 मई से पूरे मुंबई शहर में 10 प्रतिशत पानी कटौती लागू कर दी है। आपको बता दें कि बीएमसी की ओर से यह फैसला महत्वपूर्ण कदम के तौर पर लिया गया है ताकि मानसून आने तक पानी का पर्याप्त भंडार बना रहे। सामने आई जानकारी के अनुसार, इस पानी कटौती का असर सिर्फ मुंबई तक सीमित नहीं रहेगा। ठाणे, भिवंडी-निजामपुर महानगरपालिका और BMC से पानी पाने वाले कुछ ग्रामीण इलाकों में भी सप्लाई प्रभावित हो सकती है।
क्यों लिया गया है ये फैसला?
BMC की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, मुंबई को पानी सप्लाई करने वाले सात प्रमुख झीलों में फिलहाल कुल उपयोगी जलसंचय लगभग 23 से 28 प्रतिशत के बीच रह गया है। मौसम विभाग ने इस साल एल नीनो प्रभाव और कमजोर मानसून की आशंका जताई है, जिसके चलते प्रशासन ने पहले ही पानी बचत की रणनीति लागू करने का निर्णय लिया है।
BMC की ओर से हाउसिंग सोसायटी और नागरिकों से पानी की बर्बादी रोकने की अपील की गई है। इसके साथ ही गाड़ियों की धुलाई सीमित करने, बगीचों में अत्यधिक पानी इस्तेमाल न करने, स्विमिंग पूल उपयोग नियंत्रित रखने, घरों में लीकेज तुरंत ठीक कराने, जरूरत के मुताबिक ही पानी स्टोर करने, जैसी सलाह जारी की गई है।
कब तक जारी रहेगी कटौती?
BMC का कहना है कि पर्याप्त बारिश होने तक यह 10 प्रतिशत पानी कटौती लागू रह सकती है। यदि मानसून में देरी होती है या बारिश सामान्य से कम रहती है, तो आगे और सख्त कदम भी उठाए जा सकते हैं। आपको बता दें कि मुंबई में हर साल गर्मियों में जल संकट की स्थिति बनती है, लेकिन इस बार कम जलसंचय और कमजोर मानसून की आशंका ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।














