निर्भया कांड के बाद दिल्ली एक बार फिर शर्मशार हुई है। यहां के रानी बाग इलाके में सोमवार 13 मई की देर रात इंसानियत को शर्मसार करने वाली वारदात सामने आई है। जहां चलती बस में 30 साल की एक महिला के साथ गैंग रैप हुआ है। जानकारी के अनुसार चलती बस में महिला का अपहरण कर उससे साथ ज्यादती की गई है। पुलिस ने ड्रायवर और कंडक्टर को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही वारदात में इस्तेमाल बस को जब्त कर लिया है।
टाइम पूछने के बहाने बस में खींचा
जानकारी के अनुसार दिल्ली गैंगरेप (Delhi Gang Rape Case) की पीड़िता मंगोलपुरी की एक फैक्टरी में काम करती है। वहां से पीतमपुरा की झुग्गियों में अपने घर जाने के लिए सोमवार रात काम खत्म करके पैदल चल रही थी। जाते जाते जब वाो सरस्वती विहार (Saraswati Bihar) के बी-ब्लॉक बस स्टैंड (Bus Stand) के पास पहुंची, तो वहां एक स्लीपर बस (Bihar Sleepar Bus) आकर रुकी और पीड़िता ने बस के दरवाजे पर खड़े एक व्यक्ति से टाइम पूछा तो जवाब देने के बजाय आरोपियों ने उसे जबरन बस के भीतर खींच लिया।
सात किलोमीटर दूर ले गए
पीड़िता द्वारा पुलिस को दिए गए बयान के अनुसार बस के अंदर खींचते ही दोनों आरोपियों ने बस का दरवाजा बंद कर दिया और ड्रायवर (Bus Driver Arrested) को बस चलाने के लिए बोला। चलती बस में दो युवकों ने उसके साथ रैप की घटना को अंजाम दिया। जानकारी के अनुसार ये पूरा घटनाक्रम सरस्वती विहार के बी-ब्लॉक बस स्टैंड से नांगलोई मेट्रो स्टेशन (Nangloi Bus Station) तक करीब सात किलोमीटर तक चलता रहा। इसके बाद तकरीबन दो घंटे तक उस महिला के साथ ज्यादती करने के बाद आरोपियों ने उसे रात करीब दो बजे खून से लथपथ स्थिति में सड़क पर फेंक दिया और फरार हो गए।
मेडिकल परीक्षण में दुष्कर्म की पुष्टि
दिल्ली में गैंगरेप की वारदात के बाद पीड़िता ने बिना देरी करे तुरंत पुलिस को फोन किया। पहली कॉल नांगलोई पुलिस स्टेशन को गई चूंकि मामला रानीबाग इलाके का था इसलिए मामला वहां ट्रांसफर करते हुए सूचना मिलते ही रानी बाग पुलिस सक्रिय हुई। यहां महिला उप-निरीक्षक द्वारा पीड़िता को बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल पहुंचाया गया। जहां मेडिकल परीक्षण में रेप की पुष्टि हुई है।
पीड़िता का पति टीबी का मरीज, तीन बेटियां की जिम्मेदारी
हॉस्पिटल में जांच में डॉक्टरों ने पीड़िता की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे भर्ती होने की सलाह भी दी थी पर उसने भर्ती होने से इनकार कर दिया। पीड़िता ने बताया कि उसके पति टीबी के मरीज होने के कारण घर पर रहते हैं। उसकी 8, 6 और 4 साल की तीन बेटियां भी हैं। इस स्थिति में अस्पताल में भर्ती होने पर उसकी बच्ची को खाना कौन देगा।
बिहार की बताई जा रही बस
आपको बता दें इस मामले में पुलिस ने बिहार के रजिस्ट्रेशन नंबर (Bihar Ragistration Bus) वाली उस बस को कब्जे में ले लिया है। जिसमें इस वारदात को अंजाम दिया गया था। हालांकि बस मालिक से संपर्क कर ड्रायवर और दोनों मुख्य आरोपियों की पहचान कर ली गई है। जिसके बाद इलाके के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।















