पेपर लीक करने वाला सोर्स किंगपिन को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है। इस किंगपिन का नाम PV kulkarni है, जो केमिस्ट्री का लेक्चरर है। सीबीआई ने NTA से मिली जानकारी के मुताबिक एग्जामिनेशन प्रोसेस में इसकी भूमिका के बाद इसको गिरफ्तार किया है। लेक्चरर पीवी कुलकर्णी ने ही प्रश्न पत्र को एक्सेस किया था और प्रश्न पत्र को स्टूडेंट्स को अप्रैल के एंड में मोबिलाइज्ड किया था। कुलकर्णी ने इसी मामले में गिरफ्तार मनीषा वाघमारे के साथ मिलकर इन स्टूडेंट्स के लिए एक्स्ट्रा क्लासेस पुणे में शुरू की थी। क्लास के दौरान स्टूडेंट्स को सवाल बताए और उनके करेक्ट जवाब भी बताए। इन सवालों को स्टूडेंट्स ने अपनी नोटबुक में हाथ से नोट किया था और फिर इन्हें 3 मई को असली पेपर में सेम टैली किया गया।
प्रश्नपत्र कुलकर्णी के पास थे
सीबीआई ने NEET-UG 2026 परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक के सरगना की पहचान कर ली है। जांच में पता चला है कि एनटीए की ओर से परीक्षा प्रक्रिया में शामिल रसायन विज्ञान के लेक्चरर पी.वी. कुलकर्णी के पास प्रश्नपत्र मौजूद थे। अप्रैल 2026 के अंतिम सप्ताह में, उन्होंने एक अन्य आरोपी मनीषा वाघमारे (जिसे सीबीआई ने 14.05.2026 को गिरफ्तार किया था) की मदद से छात्रों को संगठित किया और पुणे स्थित अपने आवास पर इन छात्रों के लिए विशेष कोचिंग कक्षाएं आयोजित कीं। इन विशेष कोचिंग कक्षाओं के दौरान उन्होंने प्रश्न, विकल्प और सही उत्तर लिखवाए।
अबतक आठ लोग हुए गिरफ्तार
सीबीआई ने बताया कि इन छात्रों ने इन प्रश्नों को अपनी नोटबुक में हाथ से लिखा और ये प्रश्न 3.05.2026 को आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा के वास्तविक प्रश्नपत्र से हूबहू मेल खाते हैं। कल तक, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिलियानगर से सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें से 5 आरोपियों को पहले ही अदालत में पेश किया जा चुका है और विस्तृत पूछताछ के लिए उन्हें सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। कल गिरफ्तार किए गए अन्य 2 आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड के लिए पुणे की अदालत में पेश किया जा रहा है और उन्हें दिल्ली की अदालत में स्थानांतरित किया जा रहा है।















