पश्चिम एशिया संकट के कारण खाद आयात प्रभावित होने के बाद कृषि विभाग ने किसानों के लिए संतुलित खाद वितरण की नई व्यवस्था लागू की है। विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार सीमांत, लघु और बड़े किसानों के लिए अलग-अलग वितरण प्रणाली तय की गई है।
सीमांत किसानों को एकमुश्त खाद
नई व्यवस्था के तहत 2.5 एकड़ तक भूमि रखने वाले सीमांत किसानों को एकमुश्त खाद उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं, 2.5 से पांच एकड़ तक भूमि वाले लघु किसानों को यूरिया दो किस्तों में दिया जाएगा। दूसरी किस्त 20 दिनों बाद उपलब्ध होगी।
बड़े किसानों को तीन चरणों में मिलेगा यूरिया
पांच एकड़ से अधिक भूमि वाले बड़े किसानों को यूरिया तीन किस्तों में वितरित किया जाएगा। प्रत्येक किस्त के बीच 20 दिनों का अंतर रखा गया है। विभाग ने खरीफ 2025 में वितरित यूरिया की 80 प्रतिशत और डीएपी की 60 प्रतिशत मात्रा ही खरीफ 2026 में देने का निर्णय लिया है।
नैनो और जैविक खाद को बढ़ावा
शेष खाद पारंपरिक यूरिया या नैनो यूरिया के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही जैविक खाद के उपयोग को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि आवश्यकता के अनुसार खाद वितरण से खेती की लागत कम होगी और भूमि की उर्वरा शक्ति सुरक्षित रहेगी।














