जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन लेने वाले लाखों हितग्राहियों के लिए नई व्यवस्था लागू कर दी गई है। अब राशन कार्डधारकों को उचित मूल्य दुकान पहुंचकर बायोमेट्रिक सत्यापन कराना होगा, तभी उन्हें चावल, शक्कर और गुड़ सहित अन्य खाद्यान्न सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। खाद्य विभाग ने फर्जी लाभार्थियों पर रोक लगाने और वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिले की सभी 485 उचित मूल्य दुकानों में ई-पॉस मशीन के माध्यम से बायोमेट्रिक सत्यापन को अनिवार्य कर दिया गया है। पहले कई मामलों में ओटीपी आधारित सत्यापन के जरिए राशन वितरण किया जा रहा था, लेकिन अब इस व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है। नई प्रक्रिया के तहत राशन केवल उसी व्यक्ति को मिलेगा, जिसकी पहचान मशीन में दर्ज बायोमेट्रिक विवरण से सत्यापित होगी।
दो लाख से अधिक परिवार होंगे प्रभावित
बस्तर जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित 485 राशन दुकानों के माध्यम से हर महीने अंत्योदय, प्राथमिकता और अन्य श्रेणी के दो लाख से अधिक परिवारों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली का लाभ मिलता है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद सभी पात्र हितग्राहियों को राशन दुकान पहुंचकर निर्धारित प्रक्रिया पूरी करनी होगी। खाद्य विभाग का कहना है कि इससे वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी और यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र परिवारों तक ही पहुंचे।
10 साल से अधिक उम्र के सभी सदस्यों का ई-केवाईसी जरूरी
नई व्यवस्था के साथ राशन कार्ड में दर्ज 10 वर्ष से अधिक उम्र के सभी सदस्यों का ई-केवाईसी भी अनिवार्य कर दिया गया है। जिन परिवारों के सदस्यों का ई-केवाईसी अभी तक पूरा नहीं हुआ है, उन्हें जल्द प्रक्रिया पूरी कराने की सलाह दी गई है। ई-केवाईसी के जरिए राशन कार्ड का डेटा अपडेट किया जाएगा, जिससे पात्र हितग्राहियों की सही पहचान सुनिश्चित हो सकेगी। विभाग का मानना है कि इससे अपात्र और बोगस लाभार्थियों की पहचान करने में भी मदद मिलेगी।
फर्जीवाड़े की आशंका के बाद लिया गया निर्णय
खाद्य विभाग को पिछले कुछ समय में ऐसी शिकायतें और जानकारी मिली थीं, जिनमें परिवार के किसी सदस्य अथवा मोबाइल नंबर पर भेजे गए ओटीपी के आधार पर राशन वितरण किए जाने की बात सामने आई थी। इससे गड़बड़ी और फर्जी तरीके से राशन उठाने की संभावना बढ़ रही थी। इसी को देखते हुए विभाग ने 1 जून से 10 जून तक राशन दुकानों में विशेष निगरानी अभियान चलाया। समीक्षा के बाद बायोमेट्रिक आधारित सत्यापन को अनिवार्य करने का निर्णय लिया गया, ताकि राशन वितरण प्रक्रिया को अधिक विश्वसनीय बनाया जा सके।
हितग्राहियों को क्या करना होगा
नई व्यवस्था के तहत राशन प्राप्त करने के लिए हितग्राहियों को कुछ आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन करना होगा।
राशन लेने के लिए उचित मूल्य दुकान पर स्वयं उपस्थित होना होगा।
ई-पॉस मशीन में अंगूठा या अन्य बायोमेट्रिक सत्यापन कराना होगा।
10 वर्ष से अधिक उम्र के सभी राशन कार्ड सदस्यों का ई-केवाईसी पूरा कराना होगा।
राशन कार्ड की जानकारी और आधार से जुड़े विवरण अद्यतन रखना होगा।
बुजुर्ग और दिव्यांगों के लिए विशेष व्यवस्था
खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि बुजुर्ग, दिव्यांग और विशेष परिस्थितियों वाले हितग्राहियों को राशन प्राप्त करने में परेशानी न हो, इसके लिए शासन के निर्धारित प्रावधानों के अनुसार आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। ऐसे मामलों में विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप राहत और सहायता दी जाएगी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद बस्तर जिले में राशन वितरण प्रक्रिया पूरी तरह बायोमेट्रिक सत्यापन आधारित हो जाएगी। विभाग को उम्मीद है कि इससे फर्जी राशन उठाने की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगेगी, पात्र हितग्राहियों की सही पहचान सुनिश्चित होगी और सार्वजनिक वितरण प्रणाली पहले की तुलना में अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बन सकेगी।














