हिंदू धर्म में एकादशी तिथि विशेष रूप से भगवान विष्णु की पूजा के लिए समर्पित होती है। हर महीने में, कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष में एकादशी व्रत का आयोजन किया जाता है, जिससे कुल 24 एकादशी व्रत सालभर में होते हैं। अब अगस्त का महीना शुरू हो चुका है, और इस दौरान हिंदू कैलेंडर के अनुसार सावन का महीना रहेगा। अगस्त में यह ध्यान देने वाली बात है कि यहां सावन की दो एकादशी आएंगी। तो चलिए, जानते हैं अगस्त महीने में एकादशी व्रत कब-कब होंगे।
कामिका एकादशी और पुत्रदा एकादशी व्रत के विशेष महत्त्व
आप सभी को ज्ञात है की कल दिन शनिवार से अगस्त महीने की शुरुवात हो चुकी है ऐसे में सावन माह के कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की एकादशी के व्रत रखे जाएंगे. यह दोनों व्रत कामिका एकादशी और पुत्रदा एकादशी के नाम से जाने जाते हैं. कामिका एकादशी का व्रत पापों से मुक्ति और विष्णु भगवान की कृपा दृष्टि के लिए किया जाता है. जबकि, पुत्रदा एकादशी व्रत से संतान प्राप्ति की मनोकामना पूरी होती है. संतान के अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घ आयु के लिए यह व्रत करना लाभकारी होता है.
कब है कामिका एकादशी
सावन कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि का आरंभ 8 अगस्त 2026 की दोपहर को 1 बजकर 59 मिनट पर होगा. इसका समापन दूसरे दिन 9 अगस्त 2026, दिन रविवार को सुबह 11 बजकर 4 मिनट पर होगा. ऐसे में उदयातिथि को महत्व देते हुए कामिका एकादशी का व्रत 9 अगस्त 2026, दिन रविवार को रखा जाएगा. व्रत का पारण अगले दिन 10 अगस्त को होगा.
कब है पुत्रदा एकादशी
सावन माह की शुक्ल पक्ष एकादशी को पुत्रदा एकादशी व्रत रखा जाता है. इस तिथि का प्रारंभ 23 अगस्त 2026 की मध्यरात्रि को 2 बजे होगा. तथा समापन 24 अगस्त 2026 की भोर सुबह 4 बजकर 18 मिनट पर होगा. उदयातिथि को महत्व देते हुए एकादशी का व्रत 23 अगस्त 2026, दिन रविवार को रखा जाएगा.
विष्णु भगवान की पूजा का महत्व

एकादशी का दिन भगवान विष्णु की पूजा के लिए काफी विशेष माना जाता है. इस पूजा को विष्णु जी की कृपा पाने और जीवन में सुख-शांति के लिए एकादशी का व्रत करना चाहिए. एकादशी के दिन विष्णु जी की पूजा करना बेहद फालदायक माना जाता है.












