रायगढ़, 4 अगस्त। जिला कांग्रेस कमेटी रायगढ़ द्वारा कांग्रेस भवन में नगर निगम द्वारा गरीब, मजदूर एवं निम्न-मध्यमवर्गीय परिवारों से बढ़ा हुआ जलकर व संपत्तिकर वसूले जाने के विरोध में एक महत्वपूर्ण प्रेसवार्ता आयोजित की गई। प्रेसवार्ता को जिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष शाखा यादव, नेता प्रतिपक्ष शेख सलीम नियारिया तथा पार्षद एवं पूर्व सभापति जयंत ठेठवार ने संबोधित किया। प्रेसवार्ता के उपरांत कांग्रेस पार्षद प्रतिनिधिमंडल एवं कांग्रेसजनों ने नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर बढ़े हुए जलकर व संपत्तिकर को तत्काल वापस लेने तथा पात्र परिवारों को नियमानुसार राहत देने की मांग की।
प्रेसवार्ता में जिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष शाखा यादव ने कहा कि नगर निगम गरीब, मजदूर एवं निम्न-मध्यमवर्गीय परिवारों के साथ अन्याय कर रहा है। जिन परिवारों से वर्षों तक 60 रुपये प्रतिमाह जलकर लिया जाता रहा, उनसे अब 200 रुपये प्रतिमाह की वसूली की जा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने पूरे मामले का अध्ययन कर दस्तावेजों के आधार पर यह पाया है कि सैकड़ों पात्र परिवारों को उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। विशेष रूप से 27 मार्च 2018 के नगर निगम के प्रावधानों में स्पष्ट उल्लेख है कि EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों ) को संपत्तिकर से पूर्णतः मुक्त रखने का प्रावधान है। डबल इंजन की भाजपा सरकार के राज में नगर निगम द्वारा EWS परिवारों से भी संपत्तिकर वसूला जा रहा है। कांग्रेस गरीबों के हितों पर किसी भी प्रकार का कुठाराघात स्वीकार नहीं करेगी और आवश्यकता पड़ने पर जनआंदोलन का रुख अख्तियार करेगी।

नेता प्रतिपक्ष शेख सलीम नियारिया ने कहा कि नगर निगम परिषद के 13 मार्च 2018 के प्रस्ताव में सभी EWS श्रेणी के मकानों का सर्वे कर उन्हें रियायती जलकर का लाभ देने का संकल्प पारित किया गया था। इसके बावजूद बाद के वर्षों में अनेक पात्र परिवारों को इस श्रेणी से बाहर कर 60 रुपये के स्थान पर 200 रुपये प्रतिमाह जलकर वसूला जा रहा है। कांग्रेस द्वारा किए गए परीक्षण में लगभग 865 गरीब एवं निम्न-मध्यमवर्गीय परिवार ऐसे पाए गए हैं, जिन पर अनुचित रूप से अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला गया है। यह निर्णय परिषद की भावना और गरीब हितैषी नीति के विपरीत है।
पार्षद एवं पूर्व सभापति जयंत ठेठवार ने कहा कि नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 136 के अंतर्गत शासन के दिशानिर्देश अनुसार तथा नगर निगम के 27 मार्च 2018 के कर निर्धारण प्रावधान स्वयं यह स्पष्ट करते हैं कि EWS श्रेणी के मकानों को संपत्तिकर से पूर्ण छूट प्रदान की गई है तथा 500 वर्गफीट तक के कच्चे मकानों को भी संपत्तिकर में विशेष छूट का प्रावधान किया गया है। जब नगर निगम ने अपने ही नियमों में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत देने की व्यवस्था की है, तब उन्हीं परिवारों से बढ़ा हुआ जलकर वसूलना पूरी तरह अनुचित और नियमों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि परिषद के निर्णयों और शासन के प्रावधानों की अवहेलना कर गरीबों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना किसी भी दृष्टि से न्यायोचित नहीं है। नगर निगम को अपने ही नियमों और परिषद के पारित प्रस्तावों का सम्मान करते हुए सभी पात्र परिवारों को तत्काल राहत प्रदान करना चाहिए।
प्रेसवार्ता के पश्चात कांग्रेस पार्षद प्रतिनिधिमंडल एवं कांग्रेसजनों ने नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर मांग की कि 13 मार्च 2018 के परिषद प्रस्ताव, 27 मार्च 2018 के कर निर्धारण प्रावधान तथा छत्तीसगढ़ शासन के राजपत्र में वर्णित नियमों के अनुरूप सभी पात्र EWS एवं गरीब परिवारों का पुनः सत्यापन किया जाए। जिन परिवारों से 60 रुपये के स्थान पर 200 रुपये प्रतिमाह जलकर लिया जा रहा है, उनसे बढ़ी हुई वसूली तत्काल बंद की जाए, पूर्व में ली गई अतिरिक्त राशि का समायोजन किया जाए तथा सभी पात्र हितग्राहियों को उनका वैधानिक लाभ तत्काल प्रदान किया जाए।
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट कहा है कि यदि नगर निगम प्रशासन 10 दिनों के भीतर शीघ्र ही इस अन्यायपूर्ण व्यवस्था तथा कर विसंगतियों में सुधार की कार्यवाही नहीं करता है तो जिला कांग्रेस कमेटी गरीब, मजदूर एवं निम्न-मध्यमवर्गीय परिवारों के हितों की रक्षा के लिए चरणबद्ध जनआंदोलन छेड़ेगी, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी।
उक्त प्रेसवार्ता और नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपने में मुख्य रुप से जिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष शाखा यादव,ग्रामीण अध्यक्ष नगेन्द्र नेगी, पूर्व अध्यक्ष अनिल शुक्ला, पार्षद व पूर्व सभापति जयंत ठेठवार,नेताप्रतिपक्ष शेख सलीम नियारिया,वरिष्ठ कांग्रेसी दीपक पांडेय,विकास ठेठवार,संदीप अग्रवाल,वसीम खान,अभिषेक शर्मा,अनुराग गुप्ता,विकास शर्मा,दीपक सिंह,अमृत काटजू,प्रदीप विजय चंद्र टोप्पो,राजू बोहिदार,दीपक बी सिंह,रजत गोयल,सोनू पुरोहित,आशीष चौबे सहित अन्य कांग्रेस जन उपस्थित रहे।












