बिहार विधानसभा चुनाव शाम तक की गिनती और बढ़त के आधार पर एनडीए की दमदार वापसी हो रही है। बिहार में एनडीए की रिकॉर्ड जीत की तरफ बढ़ती दिख रही है। चुनाव नतीजों की बढ़त से नीतीश कुमार फिर से सीएम बनना तय माना जा रहा है। बिहार चुनाव में, मुकाबला मुख्य रूप से जनता दल-यूनाइटेड के नेता और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और राजद के तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाले विपक्षी महागठबंधन के बीच था। इस बार प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी (जेएसपी) को भी बड़ा झटका लगता दिख रहा है।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 सीटवार रिजल्ट
मतों की गिनती के साथ ही लोगों की नजर राघोपुर, महुआ, तारापुर, मोकामा, अलीगंज, सीवान से लेकर छपरा विधानसभा सीटों के परिणामों पर बनी हुई है। राघोपुर से तेजस्वी यादव 20वेंं राउंड में आगे निकले हैं। वहीं, छपरा सीट से राजद के खेसारी लाल यादव भी पीछे चल रहे हैं। इस बार जनता दल (यूनाइटेड) का प्रदर्शन शानदार रहा है। ऐसे में जदयू प्रमुख और राज्य के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार को लगातार पांचवें कार्यकाल का मौका मिलना तय लग रहा है।
NDA को 2020 के मुकाबले 75 से ज्यादा सीटों का फायदा हो रहा है, वहीं महागठबंधन को लगभग इतनी ही सीटों का नुकसान हो रहा है। पिछली बार 43 सीटों पर सिमटी JDU की झोली में इस बार 80+ सीटें हैं। वहीं 89 सीटों के साथ BJP सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। राजद 24 सीटों पर आगे चल रही है।
बड़े चेहरों में राघोपुर से तेजस्वी यादव करीब 12 हजार वोटों से जीत गए हैं। तेजप्रताप यादव महुआ से चुनाव हार गए हैं। उनकी पार्टी JJD ने हार के बाद फेसबुक पर पोस्ट किया है।
इसमें लिखा है- तेजस्वी फेलस्वी हो गया। RJD को जयचंदों ने खोखला कर दिया। मोदी विश्व के मजबूत नेता हैं। NDA को उसकी एकता ने जिताया।
महागठबंधन में राजद के खाते में 26, जबकि कांग्रेस 6 सीटों पर जीत की ओर है। PK की पार्टी जन सुराज और VIP का खाता भी नहीं खुला है। निर्दलीय समेत अन्य 3 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं।















