Raigarh News : रायगढ़, 23 सितम्बर 2026/ रायगढ़ में नवीन शासकीय संगीत महाविद्यालय में शीघ्र ही अध्यापन कार्य शुरू होने जा रहा है। महाविद्यालय की प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है और अस्थायी परिसर में कक्षाएं शुरू करने की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। इसी सिलसिले में इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो.डॉ.लवली शर्मा ने परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, जिला पंचायत सीईओ श्रीअभिजीत बबन पठारे, संयुक्त कलेक्टर पूजा बंसल सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर नवीन संगीत महाविद्यालय का संचालन क्षेत्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास प्रशिक्षण केंद्र रायगढ़ से किया जाएगा। विद्यार्थियों के लिए परिसर में आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। रिनोवेशन, कमरों, दरवाजे-खिड़कियों, टाइल्स सहित अन्य जरूरी कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। आवश्यक इंस्ट्रूमेंट और फर्नीचर की व्यवस्था भी की जा रही है। इन कार्यों को लगभग एक माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। महाविद्यालय के स्थायी भवन निर्माण के लिए प्रक्रिया जारी है। वर्तमान में विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था की जाएगी। महाविद्यालय के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक सुविधाओं और संसाधनों को भी चरणबद्ध तरीके से तैयार किया जा रहा है।
*बैचलर ऑफ परफॉर्मिंग में मिलेगा अध्ययन का अवसर*
शैक्षणिक सत्र 2026-27 में महाविद्यालय में बैचलर ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स अंतर्गत संगीत, नृत्य और रंगमंच में अध्ययन की सुविधा मिलेगी। इससे रायगढ़ सहित आसपास के विद्यार्थियों को संगीत एवं कला शिक्षा के लिए स्थानीय स्तर पर अवसर मिलेगा। इच्छुक विद्यार्थी प्रवेश के लिए पंजीयन फार्म किरोड़ीमल शासकीय पीजी महाविद्यालय रायगढ़ से प्राप्त कर जमा कर सकते हैं। पंजीयन फार्म जिले की वेबसाइट raigarh.gov.in से भी डाउनलोड किया जा सकता है। आवेदन की अंतिम तिथि 28 सितंबर 2026 निर्धारित है। अधिक जानकारी के लिए नोडल अधिकारी डॉ. आनंद शर्मा के मोबाइल नंबर 9827897200 पर संपर्क किया जा सकता है।

*मुख्यमंत्री की घोषणा को मिल रहा मूर्त रूप*
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रायगढ़ में उत्कृष्ट संगीत महाविद्यालय खोलने की घोषणा की थी। अब महाविद्यालय की प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और अध्यापन कार्य प्रारंभ करने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। महाविद्यालय के बेहतर संचालन के साथ विद्यार्थियों के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।















