रायगढ़, 26 मई 2026/ औद्योगिक दुर्घटनाओं में कमी लाने तथा कारखानों में सुरक्षा मानकों को मजबूत करने के उद्देश्य से औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग द्वारा जिले में लगातार मॉक ड्रिल, सुरक्षा कार्यशालाएं एवं औचक निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन के निर्देश पर अनुविभागीय अधिकारी की अध्यक्षता में संयुक्त जांच दल गठित किया गया है, जिसके माध्यम से विभिन्न कारखानों में औद्योगिक स्वास्थ्य, श्रम कानूनों के पालन तथा पर्यावरणीय नियमों के अनुपालन की जांच की जा रही है।
इसी क्रम में विगत सप्ताह खरसिया क्षेत्र स्थित स्काई एलॉय एवं केएल एनर्जी कारखानों का निरीक्षण किया गया, जहां विभिन्न बिंदुओं पर अनियमितताएं पाए जाने पर संबंधित प्रबंधन से जवाब तलब किया गया है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि अन्य कारखानों की भी औचक जांच आगामी दिनों में जारी रहेगी। अब तक जिले में कुल 14 कारखानों का निरीक्षण किया जा चुका है।
कारखानों में दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं आपदा स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए नियमित रूप से मॉक ड्रिल का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में एन.आर. इस्पात एंड प्राइवेट लिमिटेड कारखाना परिसर में फायर बेस्ड मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस दौरान कर्मचारियों को आग लगने की स्थिति में तत्काल नियंत्रण, जान-माल की सुरक्षा तथा विभिन्न प्रकार के अग्निशामक यंत्रों के सही उपयोग की जानकारी दी गई। विभाग के अनुसार मई माह में अब तक 12 कारखानों में मॉक ड्रिल एक्सरसाइज आयोजित की जा चुकी है। इसी क्रम में 26 मई को एनटीपीसी लारा में वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्ल्यूटीपी) परिसर में एसिड स्पिलेज आधारित मॉक ड्रिल आयोजित की गई। मॉक ड्रिल के दौरान एसिड रिसाव की आपात स्थिति का वास्तविक परिदृश्य तैयार कर रेस्क्यू एवं कंटेनमेंट ऑपरेशन संचालित किया गया। सुरक्षा दल, सीआईएसएफ, कम्युनिकेशन टीम, मेंटेनेंस टीम एवं मेडिकल टीम ने समन्वित रूप से कार्य करते हुए मात्र 14 मिनट में स्थिति को नियंत्रित किया। इस दौरान आपदा प्रबंधन, त्वरित प्रतिक्रिया, संचार व्यवस्था एवं सुरक्षा उपकरणों के प्रभावी उपयोग का अभ्यास कराया गया। मॉक ड्रिल के पश्चात जिले के विभिन्न आईपीपी पावर प्लांट्स के लिए संयुक्त सेफ्टी वर्कशॉप का आयोजन भी किया गया, जिसमें औद्योगिक सुरक्षा मानकों, आपदा प्रबंधन एवं दुर्घटना नियंत्रण उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई। मई माह में अब तक कुल 5 सुरक्षा कार्यशालाएं आयोजित की जा चुकी हैं, जिनमें 52 कारखानों के प्रतिनिधि शामिल हुए हैं। प्रशासन द्वारा सभी औद्योगिक इकाइयों से सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की अपील की गई है।
















