CBSE मामले पर मोदी सरकार का बहुत बड़ा एक्शन सामने आया है। इस मामले में CBSE के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का ट्रांसफर कर दिया गया है। CBSE द्वारा ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सेवाओं की खरीद की जांच के लिए एक जांच समिति का गठन भी किया गया है।
सीबीएसई चेयरमैन और स्कूल एजुकेशन सेकेट्री की लगी जमकर क्लास
सूत्रों के हवाले से ये भी जानकारी मिली है कि शिक्षा मंत्रालय की संसद की स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में आज सीबीएसई चेयरमैन और स्कूल एजुकेशन सेकेट्री की जमकर क्लास लगी थी। कमेटी ने आज सीबीएसई के अध्यक्ष और स्कूल एजुकेशन सेक्रेटरी को तलब किया था।
कमेटी के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने सीबीएसई चेयरमैन से पूछा था कि कॉपियां जांचने की नई प्रक्रिया लागू करने में इतनी जल्दबाजी क्यों की गई? क्या पूरी तैयारी के साथ इसे एक साल बाद लागू नहीं किया जा सकता था? आपने बच्चों के भविष्य को दांव पर लगा दिया?
दिग्विजय सिंह ने सीबीएसई अध्यक्ष और सेक्रेटरी से कहा कि मैं कुछ सवाल लिखित में दूंगा और मुझे उन सबका जवाब चाहिए।
कमेटी की मीटिंग में एक स्टूडेंट को भी बुलाया गया
कमेटी की मीटिंग में एक स्टूडेंट को भी बुलाया गया था, जिसने सीबीएसई चेयरमैन और सेक्रेटरी के सामने ही कई महत्वपूर्ण कमियों को उजागर किया। इस पर भाजपा के सांसद भीम सिंह ने सीबीएसई अधिकारियों की चुटकी ली और कहा कि अगर आपसे नहीं हो पा रहा तो कम से कम इस छात्र को ही अपना असिस्टेंट बना लीजिए, ये आपका काम आसान कर देगा।
समाजवादी पार्टी के सांसद ने सीबीएसई अध्यक्ष और सेक्रेटरी से सवाल किए
समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर रहमान बर्क ने भी सीबीएसई अध्यक्ष और सेक्रेटरी के सामने सवाल खड़े किए थे। जियाउर रहमान वर्क ने पूछा था कि आपने एक ऐसी कंपनी को कॉपी चेक करने का ठेका क्यों दिया, जिसको सही से जानकारी तक नहीं थी? सीबीएसई द्वारा इतनी जल्दबाजी क्यों इस मामले में दिखाई गई? टीचर्स को पहले से सही से ट्रेनिंग क्यों नहीं दी गई?
जियाउर रहमान बर्क ने कहा, इस लापरवाही की जिम्मेदारी कंपनी के साथ-साथ सीबीएसई के अधिकारियों की भी है, सबके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।












