RGHNEWS@Prashant Tiwari रायगढ़! रायगढ़ शहर की संकरी सड़कों पर लगातार बढ़ते वाहनों के दबाव ने ट्रैफिक व्यवस्था को जाम के जाल में फंसा दिया है। हर साल लगभग 30 हजार नए वाहन रजिस्टर्ड हो रहे हैं। चौड़ी सड़कों और मजबूत पुलों की कमी से हर रोज जाम लग रहा है। संकरी गलियों में चारपहिया वाहनों का फंसना अब आम है।
इसी चुनौती से निपटने नगर निगम और सेतु विभाग ने शहर में दो नए चौड़े पुल बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है। इंदिरा नगर और राजापारा के बीच बनने वाले ये पुल शहर को राहत देंगे। इसके साथ ही एप्रोच रोड भी बनाई जाएगी, जो बाइपास की तरह बिना शहर में प्रवेश किए दोपहिया-चारपहिया को शहर के दूसरे छोर से निकलने में सहयोगी होगी। नगर निगम ने तैयार कर ली है। सेतु विभाग ने भी पुल निर्माण के लिए सर्वे पूरा कर लिया है। इसका प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेजा जा चुका है। केवड़ाबाड़ी के पास बने इंदिरा नगर पुल और चांदनी चौक से राजापारा के पास सेतु विभाग नया ब्रिज बनाएगी। इससे ढिमरापुर, केवड़ाबाड़ी, कोतरारोड सहित अन्य सड़क से चक्रधरनगर जाने वाले लोग राजाओं के जमाने में बना यह पुल संकरा है। वहीं पुल से जुड़ने वाली रोड भी काफी संकरी है। इस रोड पर दोपहिया और ऑटो ही पार हो पाते हैं। यहां से शहर जाने के लिए तीन रास्ते हैं। तीनों ही में जाम की समस्या है। शहर के लोग इसलिए सुभाष चौक, गौरीशंकर मंदिर, रामनिवास या फिर गद्दी चौक होकर दूसरे छोर की तरफ जा रहे है। इससे भी जाम लग रहा है।

चांदनी चौक से राजापारा के बीच नया ब्रिज बनने से एप्रोच रोड भी बनेगी। इससे धोबीपारा, रामगुड़ीपारा व चांदनी चौक का रास्ता खुलेगा। चौड़ाई बढ़ने से दो गाड़ियां आसानी से निकलेंगी। राजापारा की ओर भी एप्रोच रोड बनेगा। लोग आसानी से मरीन ड्राइव से जुड़ेंगे।
66 मीटर लंबा पुल बनेगा
सेतु विभाग की ओर से भेजे गए प्रस्ताव के अनुसार 66 मीटर लंबा पुल बनेगा। इसकी 18 मीटर चौड़ाई होगी। अनुमानित लागत 7 करोड़ होगी। इसमें 50 मीटर एप्रोच रोड बनेगी। इसमें भी लाइट शिफ्टिंग, पाइपलाइन शिफ्टिंग भू-अर्जन की प्रक्रिया होगी।
इंदिरा नगर टू लेन के बाद संकरा केवड़ाबाड़ी पुल।
इंदिरा नगर में बने पुल की चौड़ाई काफी कम है। इसके साथ ही पुल तक जाने प्एप्रोच रोड तक सही नहीं है। केवड़ाबाड़ी के पास चौक की बनावट सही नहीं है। इस वजह से जोहल पैलेस के पास जाम लगता है। इधर इंदिरा नगर से टू लेन सड़क है, लेकिन पुल तक आते हुए यह बॉटल नेक की तरह संकरा हो गया है। इससे चारपहिया इस रोड पर आने-जाने से कतराते हैं।
दो वाहन भी निकल पाएंगे
इंदिरा नगर और केवड़ाबाड़ी पुल 190 मीटर लंबा बनेगा। इसकी
चौड़ाई 18 मीटर होगी। एक समय पर दो वाहन आसानी से निकल पाएंगे। पुल के दोनों छोर पर 110-110 मीटर एप्रोच रोड होगी। गौशाला रोड सीधे केवड़ाबाड़ी चौक होते हुए पुल से जुड़ जाएगा।
12 करोड़ रुपए होंगे खर्च
केवड़ाबाड़ी-इंदिरा नगर पुल का सर्वे कर प्रस्ताव भेज दिया गया है। इसकी अनुमानित लागत 12 करोड़ रुपए है। इसमें लाइट शिफ्टिंग, पाइपलाइन शिफ्टिंग, भू-अर्जन शामिल है। इसे पुराने पुल के बगल में बनाने की योजना है।
चांदनी चौक से राजापारा तक 1929 में बना था पुल
आजादी से पहले ब्रिटिश काल में राजापारा (कंदईजोर नाला) के उपर राजा चक्रधर सिंह ने पुल बनवाया था। 1929 में मोतीमहल के निर्माण से पहले इसका निर्माण हुआ है। 1924 में राजा चक्रधर सिंह को रायगढ़ का राजा बनाया गया। उनसे मिलने आने वाले अंग्रेजों के लिए सर्किट हाऊस भी बनाया गया। 77 वर्षीय त्रिभुवन सिंह (चितवा) ने बताया कि पुल का निर्माण गुड़, मौहा, बेल आदि के मिश्रण से तैयार किया गया। इसे सम्लेश्वरी मंदिर प्रांगण में बैल के कैची से बनाया जाता था।

क्या कहते हैं एसडीओ जेपी चौधरी
इस संबंध में एसडीओ जेपी चौधरी ने बताया कि शहर के दोनों पुल का सर्वे के बाद प्रस्ताव बनाकर लोक निर्माण विभाग सचिव को भेज दिया है। प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद प्रशासनिक स्वीकृति के बाद भूअर्जन का प्रोसेस होगा। उसके बाद फिर निर्माण कार्य के लिए टेंडर की प्रकिया की जाएगी।















