केंद्रीय कैबिनेट मीटिंग जुलाई महीने के आखिरी दिन हुई जिसमें बड़े फैसले लिए गए। पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में पीएम किसान सम्मान निधि योजना को 5 साल के लिए बढ़ाने का फैसला हुआ है। इसके साथ ही खेलो इंडिया योजना के विस्तार के लिए बजट मंजूर किया गया है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट मीटिंग में हुए फैसलों की जानकारी दी।
5 साल के लिए बढ़ाई पीएम किसान सम्मान निधि योजना
केंद्रीय कैबिनेट ने अगले 5 सालों के लिए 2030-31 तक पीएम किसान सम्मान निधि योजना को बढ़ाने का फैसला किया। इस योजना में 3 लाख 15 हजार 614 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पीएम किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) की शुरुआत 24 फरवरी 2019 को हुई थी। केंद्र सरकार की योजना देशभर के पात्र किसानों को 6 हजार रुपये की वार्षिक वित्तीय सहायता देती है। ये राशि 2-2 हजार रुपये की 3 किस्तों में सीधे किसानों के खातों में भेजी जाती है।
खेलो इंडिया योजना का विस्तार
केंद्रीय कैबिनेट ने खेलो इंडिया योजना के विस्तार को मंजूरी दी। इस योजना पर केंद्र सरकार अगले 5 सालों में कुल 36 हजार 441 करोड़ रुपये खर्च करेगी। केंद्र सरकार ने खेलो इंडिया योजना के लिए अगले 5 सालों के लिए 29 हजार 54 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इस योजना का उद्देश्य जमीनी स्तर पर प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें तैयार करना है, ताकि भारत 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी और 2036 ओलंपिक की मेजबानी की दावेदारी के जरिये वैश्विक खेल केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ सके। राष्ट्रीय खेल महासंघों (ANSF) को सहायता के लिए अगले 5 सालों में 7 हजार 387 करोड़ रुपये निर्धारित किए हैं।
प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना के बजट को मंजूरी
केंद्रीय कैबिनेट मीटिंग में प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना के 5070 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी। इस योजना में जलाशयों पर स्थापित सौर ऊर्जा परियोजनाओं को ऊर्जा भंडारण प्रणाली के साथ विकसित किया जाएगा। इस योजना में 5 हजार मेगावाट क्षमता की फ्लोटिंग सौर परियोजनाएं विकसित की जाएंगी। इसमें कम से कम 2 घंटे की ऊर्जा भंडारण क्षमता यानी 10 हजार मेगावाट प्रति घंटा होगी। इन परियोजनाओं को 2026-27 से 2030-31 के बीच स्वीकृत किया जाएगा। वित्तीय सहायता 2032-33 तक दी जाएगी। इस योजना से हर साल करीब एक करोड़ टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आने की उम्मीद है और 16 से 17 हजार रोजगार के अवसर मिलेंगे।
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समुद्र मंथन योजना के लिए 84 हजार 84 करोड़
केंद्रीय कैबिनेट मीटिंग में समुद्र मंथन योजना के लिए 84 हजार 84 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी। इस योजना का टारगेट गहरे समुद्री क्षेत्रों में तेल गैस की खोज, कुओं की ड्रिलिंग और नई खोज के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास में आंशिक सहायता करना है। ये योजना पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के तहत लागू की जाएगी। योजना में अति गहरे समुद्री क्षेत्रों में एक कुएं की ड्रिलिंग के लिए 650 करोड़ रुपये तक की सहायता मिलेगी, ताकि घरेलू तेल और गैस उत्पादन बढ़ाकर आयात पर निर्भरता कम की जा सके।












