Russia Ukraine war यूक्रेन ने रूस पर 1,000 से अधिक ड्रोन दागे हैं। रूसी अधिकारियों के हवाले से एसोसिएटेड प्रेस (AP) की रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले में मॉस्को को भी निशाना बनाया गया और इसे राजधानी पर अब तक के सबसे बड़े ड्रोन हमलों में से एक बताया गया है।
यह हमला ऐसे समय हुआ जब रूस में संसदीय चुनाव का तीसरा और अंतिम दिन चल रहा था। मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने इसे राजधानी पर अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला बताया। उन्होंने कहा कि हमले में मॉस्को ऑयल रिफाइनरी और एक रिहायशी इमारत को नुकसान पहुंचा है।
ड्रोन हमले में 2 लोगों की मौत, 20 घायल
मॉस्को क्षेत्र के गवर्नर आंद्रेई वोरोब्योव के अनुसार, ड्रोन हमले में दो लोगों की मौत हुई और 20 लोग घायल हुए। मृतकों में 74 वर्षीय एक व्यक्ति और 44 वर्षीय एक महिला शामिल हैं।
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर कहा कि हमले में यूक्रेन में निर्मित फ्लेमिंगो और पेलिकन मिसाइलों समेत विभिन्न प्रकार की मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। उनके मुताबिक, हमलों का निशाना तेल और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी सुविधाएं थीं। जेलेंस्की ने कहा कि इन हमलों का उद्देश्य रूस की युद्ध मशीन को आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचाना है।
मॉस्कों की ओर आए 450 ड्रोन, नष्ट करने का दावा
वहीं, रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसकी सेना ने देशभर में 1,100 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए। मंत्रालय के मुताबिक, इनमें क्रीमिया और काला सागर के ऊपर उड़ रहे ड्रोन भी शामिल थे। रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसकी सेना ने पूरे देश में, साथ ही कब्जे वाले यूक्रेनी प्रायद्वीप क्रीमिया और काला सागर के ऊपर 1,100 यूक्रेनी ड्रोनों को मार गिराया।
मॉस्को के मेयर सर्गेई सोब्यानिन ने कहा कि रूसी राजधानी की ओर आ रहे 450 ड्रोनों को नष्ट कर दिया गया, और हमले में मॉस्को ऑयल रिफाइनरी और एक रिहायशी इमारत को नुकसान पहुंचा। उन्होंने कहा कि मॉस्को पर हुआ यह “अभूतपूर्व हमला” चुनावों में बाधा डालने की कोशिश थी। उन्होंने कहा, “दुश्मन इसमें नाकाम रहा।”
रूस में चल रहे संसदीय चुनाव को युद्ध शुरू होने के बाद का पहला युद्धकालीन संसदीय चुनाव बताया गया है। चुनाव में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की नीतियों के विरोध में विपक्ष की मौजूदगी बेहद सीमित रही है। रूस ने यूक्रेन के उन चार क्षेत्रों में भी मतदान कराया है, जिन्हें मॉस्को ने युद्ध के बाद अपने में मिलाने का दावा किया था, हालांकि इन क्षेत्रों के सभी हिस्सों पर उसका नियंत्रण नहीं है। इसके अलावा क्रीमिया में भी मतदान कराया गया, जिसे रूस ने 2014 में अपने में मिला लिया था। यूक्रेन ने इन क्षेत्रों में रूसी चुनाव कराने को अवैध बताया है। कुछ दिनों पहले रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव के पास बुचा जिले में भीषण हमले किए थे। इस हमले में 37 लोगों की मौत हो गई थी।
















